S M L

सीलिंग के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस को सुप्रीम कोर्ट ने क्यों फटकार लगाई?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायालय द्वारा नियुक्त मॉनिटरिंग कमिटी को सुरक्षा मुहैया नहीं कराया जाना एक गंभीर विषय है

Updated On: Apr 12, 2018 03:03 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

0
सीलिंग के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस को सुप्रीम कोर्ट ने क्यों फटकार लगाई?
Loading...

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में सीलिंग अभियान के लिए नियुक्त मॉनिटरिंग कमिटी को पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं कराए जाने से नाराज है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकर लगाते हुए कहा है कि उसे मजबूरन दिल्ली पुलिस के पुलिस आयुक्त को कोर्ट में बुलाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायालय द्वारा नियुक्त मॉनिटरिंग कमिटी को सुरक्षा मुहैया नहीं कराया जाना एक गंभीर विषय है. सुप्रीम कोर्ट का साफ कहना था कि मॉनिटरिंग कमिटी को अपने काम के लिए पिटते हुए नहीं देख सकता.

गौरतलब है कि पिछले दिनों सीलिंग को लेकर निगरानी समिति दिल्ली के अमर कॉलनी में जाते समय सुरक्षा का मुद्दा उठाया था. निगरानी समिति ने सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस की शिकायत की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की तरफ से केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता वसीम ए कादरी को अपने सख्त तेवर दिखाए. इस मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी.

दिल्ली में पिछले लगभग चार महीने में 5 हजार से अधिक दुकानों को सील किया जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट के सख्त तेवर के बाद दिल्ली पुलिस ने गुरुवार से मॉनिटरिंग कमिटी को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का वादा किया है. पिछले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि वह सीलिंग के खिलाफ चल रहे प्रोटेस्ट को बढ़ावा न दे. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वह दिल्ली के लोगों की जिंदगी के साथ खेलना चाहती है.

New Delhi: A woman walks past closed shops at Khan Market in New Delhi on Friday. Confederation of All India Traders (CAIT) has announced a 48-hours bandh in Delhi on February 2nd and 3rd against MCD's sealing drive. PTI Photo by Vijay Verma (PTI2_2_2018_000026B)

सीलिंग के विरोध में दिल्ली की अधिकतर थोक और खुदरा बाजार मंगलवार को बंद रहेंगे

दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई से राहत दिलाने के लिए डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया था. इस हलफनामे के तहत डीडीए ने मास्टर प्लान 2021 में संशोधन करने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट से मांगी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, जिसके बाद दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई में और तेजी आ गई थी.

दिल्ली में चल रहे अवैध सीलिंग के खिलाफ कार्रवाई से आवासीय कॉलनियों में आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं अब सीलिंग के साथ अवैध निर्माण के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिए गए हैं. मॉनिटरिंग कमिटी के निर्देश पर लगभग साढ़े तीन महीने से दिल्ली में सीलिंग अभियान चलाया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से इस अभियान में काफी सुस्ती देखी गई. इसके पीछे पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं मिलने के कारण बताया गया था.

दूसरी तरफ सीलिंग के मुद्दे पर चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कारोबारियों से ही आंदोलन के लिए सुझाव मांगे हैं. सीटीआई का कहना है कि सीलिंग को लेकर डीडीए, एमसीडी और केंद्र सरकार की तरफ से हमें किसी भी तरह की कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. ऐसा लग रहा है कि सीलिंग के मुद्दे पर दिल्ली की तीनों बड़ी राजनीतिक पार्टियां एक सोची समझी रणनीति के तहत काम कर रही हैं. कारोबारियों के दर्द को कोई भी सुनने को तैयार नहीं है. दिल्ली के कारोबारियों द्वारा लगातार उग्र आंदोलन की चेतावनी देने के बावजूद सीलिंग से राहत मिलती नहीं नजर आ रही है.

Delhi Sealing

दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है. दिल्ली की तीनों ही एमसीडी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था, ‘दिल्ली में अतिक्रमण का जाल फैलता ही जा रहा है. अगर जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो हालात और भी ज्यादा खराब हो जाएंगे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई. ये कमेटी ही अपनी देखरेख में सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दे रही है.’

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही दिल्ली के तमाम बाजारों के साथ आवासीय क्षेत्रों में चलने वाली व्यावसायिक गतिविधियां अब सीलिंग के निशाने पर आ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए के मास्टर प्लान 2021 में संशोधन करने की मांग को खारिज करते हुए आगे किसी भी प्रकार के संशोधन करने पर रोक लगा रखा है.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi