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दिल्लीः शेल्टर होम में लड़कियों से हैवानियत, प्राइवेट पार्ट्स में लगाया मिर्च पाउडर

27 दिसंबर को दिल्ली महिला आयोग की समिति की सदस्य जब शेल्टर होम में निरीक्षण के लिए पहुंचीं तो बच्चियों ने अपना दर्द बयां किया

Updated On: Dec 29, 2018 12:35 PM IST

FP Staff

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दिल्लीः शेल्टर होम में लड़कियों से हैवानियत, प्राइवेट पार्ट्स में लगाया मिर्च पाउडर

दिल्ली के द्वारका स्थित एक शेल्टर होम में अनुशासन के नाम पर मासूम बच्चियों के साथ हैवानियत की जा रही थी. काम नहीं करने पर बच्चियों को मिर्च खिलाने के साथ ही उनके निजी अंगों में मिर्च पाउडर लगाया जाता था. न्यूज 18 की खबर के अनुसार 27 दिसंबर को दिल्ली महिला आयोग की समिति की सदस्य जब शेल्टर होम में निरीक्षण के लिए पहुंचीं तो बच्चियों ने अपना दर्द बयां किया. समिति की शिकायत पर द्वारका सेक्टर-23 थाने की पुलिस ने पॉक्सो व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. फिलहाल इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

27 दिसंबर को समिति की सदस्यों ने शेल्टर होम का दौरा किया था

दिल्ली सरकार की सलाह पर दिल्ली महिला आयोग ने एक समिति का गठन किया है. समिति को सरकारी और निजी शेल्टर होम की जांच कर इनमें सुधार के लिए सलाह देने को कहा गया है. 27 दिसंबर को समिति की सदस्यों ने द्वारका स्थित एक शेल्टर होम का दौरा किया था. सदस्यों ने वहां रहने वालीं 6 से 9 वर्ष, 10 से 13 वर्ष व 13 से 15 वर्ष की बच्चियों से अकेले में बात की तो बड़ी उम्र की लड़कियों ने बताया कि उनसे सारे घरेलू काम करवाए जाते हैं और निजी अंगों में मिर्च पाउडर लगाया जाता है. सफाई नहीं करने पर पीटा जाता है. पुलिस ने बताया कि बच्चियों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए हैं.

थाने में लड़कियों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी

बता दें कि इसी महीने 3 दिसंबर को पूर्वी दिल्ली के एक शेल्टर होम से 9 लड़कियों के गायब होने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी. मामला दिल्ली के दिलशाद गार्डन इलाके का था. जानकारी के मुताबिक, 1 और 2 सितंबर के बीच की रात लड़कियों लिए बने शंकर आश्रम में छापा मारा तो वहां से 9 लड़कियां गायब मिलीं. इस पर जिम्मेदार अधिकारियों का कहना था कि उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं है कि लड़कियां कहां गईं. इसके बाद थाने में लड़कियों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी.

दिलशाद गार्डन के शंकर आश्रम में लड़कियों के साथ बुरा बर्ताव होता है

बताया जा रहा है कि आश्रम में लड़कियों के न होने की जानकारी 2 दिसंबर को सुबह मिली इसके बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. मामले की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन 9 लड़कियों को द्वारका के एक शेल्टर होम से 4 मई 2018 को यहां ट्रांसफर किया गया था. ये लड़कियां मानव तस्करी और बड़े पैमाने पर यौनशोषण की शिकार थीं. इससे पहले दिल्ली महिला आयोग को बाल कल्याण समिति के कुछ सदस्यों की ओर से लिखित में शिकायत मिली थी कि दिलशाद गार्डन के शंकर आश्रम में लड़कियों के साथ बहुत बुरा बर्ताव होता है.

आश्रम की इंचार्ज द्वारा लड़कियों को बुरी तरह से पीटा जाता है

एक घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि यहां आश्रम की इंचार्ज द्वारा लड़कियों को बुरी तरह से पीटा जाता है और उन्हें कई प्रकार की यातनाएं सहनी पड़ती हैं. सदस्यों ने मांग की थी कि महिला आयोग इस मामले में हस्तक्षेप करे क्योंकि जेजे एक्ट 2015 के अनुसार बच्चों की पिटाई करना एक गंभीर अपराध है. इसके बाद दिल्ली महिला आयोग हरकत में आया और आश्रम का दौरा किया था.

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