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कश्मीरी पंडितों के नेताओं से दिनेश्वर शर्मा ने की मुलाकात

उन्होंने बताया कि कश्मीरी पंडित नेतृत्व ने घाटी में समुदाय के सदस्यों की हत्या की जांच के लिए एक ‘कमीशन ऑफ इनक्वायरी’ गठित करने की भी मांग की

Bhasha Updated On: Nov 10, 2017 08:10 PM IST

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कश्मीरी पंडितों के नेताओं से दिनेश्वर शर्मा ने की मुलाकात

कश्मीरी पंडितों के कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने जम्मू कश्मीर पर नियुक्त केंद्र के विशेष प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा से शुक्रवार को मुलाकात की और उनसे समुदाय के विस्थापित लोगों के कल्याण के लिए एक संस्थागत तंत्र बनाने की मांग की.

शर्मा को पिछले महीने जम्मू कश्मीर पर केंद्र का वार्ताकार नियुक्त किया गया था. उन्होंने राज्य की दूसरे दौर की अपनी यात्रा शुरू की है और विभिन्न समूहों तथा राजनीतिक दलों के साथ परामर्श करने के लिए वह कल शाम जम्मू पहुंचे.

अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बीती रात मुलाकात की और राज्य में हितधारकों से संपर्क करने के तरीकों पर चर्चा की.

कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधियों ने शर्मा को दिए एक संयुक्त ज्ञापन में कहा कि विस्थापित कश्मीरी पंडित कश्मीर में अपने पुनर्वास में सबसे बड़े हितधारक हैं. इसलिए, वापसी के तौर तरीकों और पद्धति के बारे में किए जाने वाले फैसले में उनकी राय को अहमियत दी जानी चाहिए.

Jammu: Centre's special representative for Kashmir Dineshwar Sharma during a meeting with various delegations in Jammu on Friday. PTI Photo (PTI11_10_2017_000054B)

कश्मीरी पंडितों की हत्या की जांच के लिए गठित हो कमेटी

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजेपी विधायक जी.एल रैना कर रहे थे और इसमें ऑल इंडिया कश्मीरी समाज, ऑल इंडिया कश्मीर पंडित कॉन्फ्रेंस, जम्मू कश्मीर नेशनल फ्रंट, विचार मंच और ज्‍येष्‍ठा देवी प्रबंधक कमेटी के नेता भी शामिल थे.

ज्ञापन में कहा गया है, ‘यह हमारी मांग है कि सरकार एक तंत्र बनाए जो नियमित रूप से समुदायों को वार्ता में शामिल करे, ताकि वापसी के लिए रजामंदी वाले सिद्धांतों पर काम किया जा सके.’ इसमें कहा गया है कि इस दिशा में गुज्जर बोर्ड या पहाड़ी बोर्ड की तर्ज पर एक कल्याण बोर्ड हो जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि और एक अध्यक्ष होंं, जो समुदाय से जुड़े मुद्दों पर गौर करे.

शर्मा से मुलाकात के बाद रैना ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मंदिरों, धार्मिक स्थलों और अंत्येष्टि स्थलों की संपत्तियों के अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया.

उन्होंने बताया कि कश्मीरी पंडित नेतृत्व ने घाटी में समुदाय के सदस्यों की हत्या की जांच के लिए एक ‘कमीशन ऑफ इनक्वायरी’ गठित करने की भी मांग की.

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