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सबरीमाला: मंदिर शुद्धिकरण मामले में देवास्वोम बोर्ड ने मुख्य पुजारी से मांगा जवाब

सबरीमाला में दो महिलाएं कनकदुर्गा (44) और बिंदू (42) के प्रवेश के बाद अलग-अलग हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया था. इस दौरान कई हिंसक घटनाएं भी सामने आई थी

Updated On: Jan 04, 2019 05:32 PM IST

FP Staff

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सबरीमाला: मंदिर शुद्धिकरण मामले में देवास्वोम बोर्ड ने मुख्य पुजारी से मांगा जवाब

केरल के सबरीमाला में स्थित अयप्पा मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद मंदिर के पुजारी द्वारा शुद्धिकरण मामले में देवास्वोम बोर्ड ने मुख्य पुजारी से जवाब मांगा है. बोर्ड ने कहा है कि बीते 2 जनवरी को मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद मुख्य पुजारी ने 'शुद्धिकरण' समारोह के लिए मंदिर के गर्भ गृह को बंद करने का फैसला किया था. मंदिर को तड़के 3 बजे खोला गया था और 'शुद्धिकरण' के लिए उसे सुबह साढे 10 बजे बंद कर दिया गया. ऐसे में अगले 15 दिनों के भीतर ही मुख्य पुजारी इस पर बोर्ड को जवाब दें.

सबरीमाला में दो महिलाएं कनकदुर्गा (44) और बिंदू (42) के प्रवेश के बाद अलग-अलग हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया था. इस दौरान कई हिंसक घटनाएं भी सामने आई थी. यहां तक की अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

पिछले साल 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत दी थी. इस फैसले के बाद कई महिलाओं ने प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन भारी विरोध-प्रदर्शन के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा.

वहीं मंदिर में रजस्वला उम्र की दो महिलाओं के प्रवेश को लेकर व्यापक स्तर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद बृहस्पतिवार की देर रात को उत्तरी केरल के कासरगोड जिले के मंजेश्वरम तालुक और पलक्कड शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई.

पलक्कड के जिला कलेक्टर डी बालमुरली ने जिला पुलिस प्रमुख समेत विभिन्न अधिकारियों की ओर से दाखिल रिपोर्ट पर विचार करने के बाद पलक्कड़ शहर के लिए आदेश जारी किए.

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