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डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर तय हुई जवाबदेही, एलजी ने संभाली कमान

पिछले एमसीडी चुनाव में आप की करारी हार में मच्छरों ने बड़ा रोल अदा किया था

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jun 08, 2017 04:46 PM IST

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डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर तय हुई जवाबदेही, एलजी ने संभाली कमान

दिल्ली सरकार ने डेंगू और चिकनगुनिया के खतरे से निपटने के लिए तीनों एमसीडी को 25 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि जारी कर दी है. एमसीडी को पैसे जारी करने को लेकर पिछले कुछ दिनों से एमसीडी और दिल्ली की केजरीवाल सरकार में रार चल रही थी. दिल्ली में इस साल अब तक डेंगू और चिकनगुनिया के 131 मामले सामने आ चुके हैं.

दिल्ली के एलजी अनिल बैजल ने डेंगू और चिकनगुनिया के निपटने के लिए बुधवार को एक समीक्षा बैठक की. इस बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और नगर निगम के अधिकारियों ने शिरकत की थी.

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच हुई बैठक के बाद ही दिल्ली सरकार ने रकम जारी करने का निर्णय लिया. एलजी अनिल बैजल इस बार खुद डेंगू और चिकनगुनिया से जुड़े सारे मामले देखेंगे.

एलजी अनिल बैजल ने नगर निगम के अधिकारियों को भी उनकी जिम्मेवारी सुननिश्चित करने के आदेश दिए हैं. एलजी ने नगर निगम को सख्त हिदायत दी है कि इस बार अगर मामला बिगड़ता है तो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा.

हम आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने पूर्वी नगर निगम को 4 करोड़ 65 लाख, उत्तरी नगर निगम को 11 करोड़ 50 लाख और दक्षिणी नगर निगम को 8 करोड़ 38 लाख रुपए देने का फैसला किया है.

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डेंगू-चिकनगुनिया बन गई है दिल्ली की मुख्य समस्या

पिछले कई सालों से दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू जबरदस्त तरीके से पैर पसार रहा है. दिल्ली वासियों को एक बड़ी उम्मीद इस बार एमसीडी चुनाव में जीते पार्षदों से है. पिछले एमसीडी चुनाव में डेंगू और चिकनगुनिया का मुद्दा छाया रहा था.

दिल्ली में पिछले कुछ सालों से डेंगू और चिकनगुनिया के कारण लगातार मौतें हो रही हैं. हर साल ठोस पहल की बात की जाती है पर आने वाले साल में फिर से वही कहानी दोहराती रहती है. लोग बीमार होते रहते हैं और मौतें भी होती रहती हैं. नेताओं के बयान आते रहते हैं और सीजन खत्म होते ही बयान गायब हो जाते हैं. यही सिलसिला लगातार पिछले कुछ सालों से चल रहा है.

साल 2010 से अब तक डेंगू के सबसे अधिक 50 हजार मरीजों की पुष्टि की गई है. साल 2016 में एडिस मच्छर का असर डेंगू के रूप में कम और चिकनगुनिया के रूप में अधिक नजर आया था.

साल 2016 में दिल्ली का कोई भी अस्पताल ऐसा नहीं था जहां पर चिकनगुनिया का मरीज भर्ती नहीं था. दिल्ली के अस्पतालों का आलम ये था कि मरीजों को बेड नहीं मिलने के कारण घर लौटना पड़ रहा था. अस्पतालों में बेड न होने के कारण मरीज फर्श पर ही लेट जाते थे.

साल 2016 में दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में डेंगू के 4 हजार से अधिक मामले सामने आए. जबकि, चिकनगुनिया के 9 हजार से अधिक मामले सामने आए. पिछले साल दिल्ली में मलेरिया के केसों में कमी आई थी.

साल 2015 में डेंगू के 15 हजार 811 मामले सामने आए थे. चिकनगुनिया के सिर्फ 58 मामले सामने आए थे. साल 2014 में डेंगू के 940 मामले और चिकनगुनिया के सिर्फ 58 मामले सामने आए थे. वहीं साल 2013 में डेंगू के 5 हजार 546 मामले सामने आए और चिकनगुनिया के 8 मामले सामने आए थे. साल 2016 से अब तक मलेरिया से 15 लोगों की मौत हो चुकी है.

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An aedes aegyti mosquitoes is pictured on a leaf in San Jose

डेंगू, चिकनगुनिया से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के कदम

एमसीडी चुनाव में आप की करारी हार के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पिछले महीने डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर एक मीटिंग बुलाई थी. मीटिंग के बाद केजरीवाल ने कहा था कि डेंगू और चिकनगुनिया से लड़ने के लिए दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर को मिलकर काम करना होगा.

दिल्ली सरकार ने एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि इस साल निजी अस्पतालों के फीस स्वास्थ्य विभाग तय करेगा. साथ ही मरीजों को नुकसान करने वाली दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है.

दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी निजी और 26 सरकारी अस्पतालों को डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों को भर्ती नहीं करने पर कार्रवाई भी कर सकती है. दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने सभी 262 डिस्पेंसरियों को सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक खोलने पर विचार कर रहा है. इन डिस्पेंसरियों पर बुखार के मरीजों को विशेष तौर पर जांच की जाएगी.

साथ ही दिल्ली के सभी मोहल्ला क्लीनिक को डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के लिए विशेष प्रबंध करने को कहा है. मोहल्ला क्लीनिक को भी आठ बजे से खोलने पर विचार चल रहा है. साथ ही प्लेटलेट्स की जांच के लिए अधिकतकम शुल्क 50 रुपए निर्धारित किए गए हैं. इससे ज्यादा पैसे लेने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है.

दिल्ली के सभी अस्पतालों को बुखार में दी जानी वाली पैरासिटामोल और ग्लूकोज के स्टॉक और बढ़ाने का निर्देश जारी किया गया है.

दिल्ली सरकार और खासकर अरविंद केजरीवाल इस साल डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर किसी विवाद में शामिल होने से परहेज कर रहे हैं.

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल की सरकार एक बार फिर से जनता से सीधे जुड़ने की कवायद में लग गई है. पिछले एमसीडी चुनाव में आप की करारी हार में मच्छरों ने बड़ा रोल अदा किया था.

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