S M L

नोटबंदी: एक गलती दिला सकती है 7 साल की सजा

दूसरे के काले धन को अपने खाते में जमा कराने पर सात साल की सजा हो सकती है.

Updated On: Nov 22, 2016 03:19 PM IST

Kinshuk Praval Kinshuk Praval, FP Staff

0
नोटबंदी: एक गलती दिला सकती है 7 साल की सजा

नोटबंदी के ऐलान के बाद अफरातफरी का माहौल है. एटीएम और बैंक पर लगी कतारों से समझा जा सकता है कि अपने पैसे को बचाने और पाने के लिए जद्दोजहद दिनों दिन कैसी शक्ल अख्तियार करती जा रही है.

सवाल 30 दिसंबर की तारीख के अल्टीमेटम का है. ऐसे में काले धन  के सफेदीकरण में जुटे लोगों के लिये इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने गंभीर चेतावनी जारी की है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आगाह किया है कि किसी दूसरे के काले धन को अपने खाते में जमा कराने पर सात साल की सजा हो सकती है. बेनामी लेनदेन कानून के तहत दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और सात साल तक कड़े  कारावास का प्रावधान है जिसे लागू कर दिया गया है.

खास बात ये है कि ये कानून नोटबंदी के ऐलान से ठीक एक सप्ताह पहले ही प्रभावी बनाया गया था. जिससे साफ है कि सरकार ये जानती थी कि नोटबंदी के ऐलान के बाद ब्लैक मनी को व्हाईट करने के लिये लोग हर तरीका अपनाएंगे.

सावधान ! आपके खाते पर इनकम टैक्स की नजर है !

आयकर विभाग की नजर उन खातों पर खासतौर से है जो जन धन योजना के तहत खोले गए. ऐसे खातों में लोगों को प्रलोभन देकर ढाई-ढाई लाख रुपए जमा करने का लोग तरीका अपना रहे हैं.

खुद पीएम मोदी ने आगरा की रैली में जनता से अपील की कि वो किसी के बहकावे में आ कर अपने जन धन खाते का दुरुपयोग न होने दें. क्योंकि सख्त कानून के तहत खाताधारक फंस सकता है वहीं जमा करने वाला मुकर जाएगा.

Agra: Prime Minister Narendra Modi addressing BJP's Parivartan Rally in Agra on Sunday. PTI Photo (PTI11_20_2016_000219B) *** Local Caption ***

8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद देश भर में 500 और 1000 के नोटों में भारी रकम खातों में जमा की गई है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे संदिग्ध खातों की पहचान के लिये मुहिम चलाई है.

मामला सही पाए जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1988 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा. ये कानून चल और अचल, दोनों संपत्तियों पर लागू होता है. इस कानून के तहत राशि जमा कराने वाले और जिसके खाते में जमा हुई, दोनों को ही हिरासत में लिया जा सकता है.

आयकर विभाग उन खातों पर पैनी नजर रखे हुए जिनमें 500 और 1000 के पुराने नोटों का कालेधन को वैध बनाने के लिए दूसरे के खाते का इस्तेमाल किया गया है.

नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अब तक मारे गए छापे और तलाशियों में अघोषित 200 करोड़ रुपए की इनकम और 50 करोड़ नकद बरामद किए हैं.

ढाई लाख से कम जमा राशि भी राडार पर

पीएम मोदी ने एेेलान किया था कि ढाई लाख रुपए तक की जमा राशि पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कोई सवाल नहीं करेगा. ये पैसा बचत का हो सकता है. लेकिन अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ढाई लाख रुपए से कम जमा राशि वाले संदिग्ध खातों पर भी नजर रखा रहा है.

सरकार के दावों को माने तो अब तक बैंकों में 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जमा हो चुके हैं जिसमें काला धन भी हो सकता है तो छिपाया हुआ भी. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि काला धन एक बार सामने आ भी गया तो करप्शन कैसे रुकेगा ?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के राडार पर अब सारे खाते हैं और आम आदमी के खातों पर भी वो संदिग्ध सवाल खड़े कर सकता है जो नोटबंदी के बाद करप्शन के नए अवतार को 'प्लास्टिक लुक' दे सकता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi