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दिल्ली को आज मिलेगा सिग्नेचर ब्रिज का तोहफा, केजरीवाल सरकार ने सबको दिया न्योता

आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस उद्घाटन कार्यक्रम में दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित और बीजेपी नेताओं को आमंत्रित नहीं किया है. इसे लेकर सियासत शुरू हो गई है

Updated On: Nov 04, 2018 10:35 AM IST

FP Staff

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दिल्ली को आज मिलेगा सिग्नेचर ब्रिज का तोहफा, केजरीवाल सरकार ने सबको दिया न्योता
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देश की राजधानी दिल्ली को रविवार को एक और सौगात मिलेगा. मुख्यमंत्री अरविंद आज केजरीवाल सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन करेंगे. इस खास मौके पर उनकी सरकार की पूरी कैबिनेट यहां मौजूद रहेगी.

यमुना नदी पर बन रहा यह हाईटेक ब्रिज दिल्ली के वजीराबाद से गाजियाबाद की ओर जाने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा. अभी तक ट्रैफिक अधिक होने से अक्सर यहां लंबी जाम की समस्या पैदा होती थी. इस ब्रिज के शुरू होने से लोगों को जाम से छुटकारा मिलेगा.

सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के अवसर पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को न्योता नहीं दिया गया है. जबकि यह योजना कांग्रेस के कार्यकाल में ही शुरू की गई थी. इस कार्यक्रम में बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को भी नहीं बुलाया गया है. इसे लेकर सियासत तेज हो गई है.

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने घोषणा कि है कि वो बिना निमंत्रण के ही रविवार को केजरीवाल से पहले मौके पर पहुंच जाएंगे. उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तर पूर्व क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होने पर उन्होंने सिग्नेचर ब्रिज पर पहली मीटिंग बुलाई थी. इमसें बताया गया कि गैमन नाम की कंपनी प्रोजेक्ट छोड़कर भाग चुकी है. ब्रिज का बजट बढ़कर 1100 करोड़ रुपए का हो गया है. तिवारी ने कहा कि अक्टूबर महीने में प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए 33 करोड़ रुपए उन्होंने केंद्र से आवंटित करवाए थे.

Delhi Signature Bridge

सिग्नेचर ब्रिज का उपर से नजारा (फोटो: फेसबुक से साभार)

तिवारी ने कहा, सिग्नेचर ब्रिज को लेकर मैंने दिन-रात संघर्ष किया था. खजूरी खास पर अनशन भी किया. उसी के उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के सांसद को निमंत्रण न देकर कहीं न कहीं मुख्यमंत्री की ओर से प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है.

हालांकि, सिग्नेचर ब्रिज के अंतिम निरीक्षण के लिए पहुंचे दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से जब उद्घाटन समारोह में शीला दीक्षित को नहीं बुलाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर नागरिक को इस समारोह में आने का न्योता दिया गया है. जिसका मन चाहे, वो आ सकता है. दिल्ली सबकी है.

मनीष सिसोदिया ने भी पुल के काम को रुकवाने का बीजेपी पर आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'बीजेपी ने सिग्नेचर ब्रिज का काम रुकवाने की पुरजोर कोशिश की. नाकारा अफसरों को इंचार्ज बनाकर 1 साल फाइलें नहीं हिलने दीं. अफसरों को डराया धमकाया. हमने लड़-लड़कर फाइलें क्लियर करवाईं. हर हफ्ते निरीक्षण किया. लेकिन आखिर सपना पूरा हुआ.'

'अपने सपने को साकार होता देखकर अच्छा लगा'

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि मुझे उद्घाटन का न्योता नहीं मिला है. वैसे भी सिग्नेचर ब्रिज बनने से दिल्ली के लोगों को जो सुविधा मिलेगी, वही सबसे जरूरी है. बीते दिनों मैं सिग्नेचर ब्रिज के पास से गुजरी थी, तो अपने सपने को साकार होता देख अच्छा लगा था.

675 मीटर लंबे इस ब्रिज की नींव 2004 में रखी गई थी. इसे बनकर तैयार होने में 14 वर्ष लग गए साथ ही इसकी लागत भी इस दौरान कई गुणा ज्यादा बढ़ गई. अभी तक भजनपुरा से गाजियाबाद जाने वाले सारे ट्रैफिक का भार वज़ीराबाद के पुराने पुल के ऊपर है. केजरीवाल सरकार ने इसके लिए 2017 में 100 करोड़ रुपए आवंटित किए थे और इसे मार्च 2018 तक बन तैयार होना था. लेकिन तकनीकी और दूसरे कारणों से इसमे समय लग गया.

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