S M L

दिल्ली में कैदियों के पैरोल का समय सजा में नहीं गिना जाएगा

अबतक पेरोल पर जेल के बाहर बिताया गया समय भी सजा के समय में ही गिना जाता था. इससे वो अपराधी जो कई बार पेरोल पर बाहर जाते हैं. खासकर पैसे और रसूखवाले कैदी पेरोल पर अक्सर बाहर रहते और जेल की सजा को कम भुगतते थे

Updated On: Oct 30, 2018 03:45 PM IST

FP Staff

0
दिल्ली में कैदियों के पैरोल का समय सजा में नहीं गिना जाएगा
Loading...

दिल्ली सरकार ने अपने जेल नियमों में बदलाव किया है. अब दिल्ली में अपराधी जेल की सजा को कम करने के लिए पैरोल की छुट्टियों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. 1 नवंबर से पैरोल के समय को सजा भुगतने के समय में नहीं गिना जाएगा. मतलब अब जितने भी समय की सजा मिली है वो पूरा भुगतना ही होगा.

अबतक पैरोल पर जेल के बाहर बिताया गया समय भी सजा के समय में ही गिना जाता था. इससे वो अपराधी जो कई बार पैरोल पर बाहर जाते हैं. खासकर पैसे और रसूखवाले कैदी पैरोल पर अक्सर बाहर रहते और जेल की सजा को कम भुगतते थे. 1 नवंबर से पैरोल पर जेल के बाहर रहे गए दिनों को जेल की अवधि खत्म होने में जोड़ दिया जाएगा. और जेल से बाहर निकलने से पहले वो समय भी जेल में ही काटना होगा.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कई रसूखदार कैदी इस नियम के बेजा इस्तेमाल कर रहे थे. वो बड़े बड़े वकीलों की मदद से कई बार पैरोल की इजाजत ले लेते थे. जबकि सामान्य कैदी साल में सिर्फ एक ही बार पैरोल पर जेल से बाहर जा पाते हैं या फिर वो भी नहीं हो पाता. वहीं रसूख वाले कैदी साल में कई दफे पैरोल लेते थे.

गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक खाना:

नए जेल नियम में कैदियों को अब जेल में आते ही बेड और हाईजिन किट दिया जाएगा. साथ ही पहली बार जेल आने वाले अपराधियों के लिए अब अलग जेल भी बनाई जाएगी ताकि वो दुर्दांत अपराधियों से प्रभावित न हो जाएं. साथ ही दूध पिलाने वाली मांओं, गर्भवती महिलाओं 6 साल से कम उम्र के बच्चों को अब पौष्टिक खाना भी दिया जाएगा.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi