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दिल्ली-एनसीआर की हवा में रोजाना 15-20 सिगरेट पीने के बराबर का जहर घुला है

पिछले 30 वर्षों में लोगों के फेफड़ों के रंग में बदलाव दिख रहा है. पहले सिर्फ धूम्रपान करने वालों के फेफड़ें में काला पदार्थ जमा दिखता था और बाकी सभी लोगों के फेंफड़े गुलाबी होते थे. पर अब सिर्फ काले फेफड़ें ही दिखते हैं

Updated On: Nov 03, 2018 10:30 PM IST

FP Staff

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दिल्ली-एनसीआर की हवा में रोजाना 15-20 सिगरेट पीने के बराबर का जहर घुला है
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शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में डॉक्टरों ने कहा लोगों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के प्रभाव की तुलना एक दिन में 15-20 सिगरेट पीने से कर सकते हैं.

सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर अरविंद कुमार के अनुसार पिछले 30 वर्षों में लोगों के फेफड़ों के रंग में बदलाव दिख रहा है. पहले सिर्फ धूम्रपान करने वालों के फेफड़ें में काला पदार्थ जमा दिखता था और बाकी सभी लोगों के फेंफड़े गुलाबी होते थे. पर अब सिर्फ काले फेफड़ें ही उन्हें ऑपरेशन के दौरान दिखते हैं. यहां तक कि किशोरों के भी फेफड़ों पर काले धब्बे होते हैं.

डॉक्टर कुमार ने कहा, 'सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खराब हवा के प्रभाव की तुलना एक दिन में 15-20 सिगरेट पीने से की जा सकती है.'

हेल्प दिल्ली ब्रीद पहल:

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को दिखाने के लिए गंगाराम अस्पताल में शनिवार को मानव फेफड़ों की तरह दिखने वाले एक आकार को पेश किया गया. सर गंगा राम अस्पताल के बयान में कहा गया है कि स्थापित किए गए फेफड़ों को सफेद हेपा फ़िल्टरों के साथ लगाया गया है. ये हेपा फिल्टर दिल्ली की हवा के संपर्क में आने पर काले हो जाएंगे. और इस तरह स्वस्थ फेफड़ों पर वायु प्रदूषण के प्रभाव का प्रदर्शन करेंगे.

इसकी स्थापना लंग केयर फाउंडेशन और अस्पताल द्वारा शुरु किए हेल्प दिल्ली ब्रीद पहल का हिस्सा है. ये अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा हाल ही में जिनेवा में आयोजित वायु प्रदूषण पर पहले वैश्विक सम्मेलन से प्रेरित होकर शुरु किया गया है. इस अभियान के जरिए राजधानी में वायु प्रदूषण के प्रभाव पर जागरूकता बढ़ाने और सरकारों से तत्काल कार्रवाई करने की उम्मीद है.

 

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