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दिल्ली के प्रदूषण में सांस लेने में दिक्कत, मगर पिछले 2 साल से इस बार साफ है हवा

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की प्रदूषण मापने की इकाई एयर क्वॉलिटी (AQI) में इस साल के आंकड़े पिछले दो सालों के मुकाबले बेहतर दिख रहे हैं

Updated On: Dec 01, 2018 12:42 PM IST

FP Staff

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दिल्ली के प्रदूषण में सांस लेने में दिक्कत, मगर पिछले 2 साल से इस बार साफ है हवा

पिछले कुछ महीनों में दिल्ली और एनसीआर के लोगों को सांस लेने में भले ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हो लेकिन जानकारों की मानें तो इस बार हवा पिछले 2 सालों के मुकाबले साफ रही है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इसके पीछे प्रशासन द्वारा उठाए गए कुछ कदमों और मौसम के बदलाव को वजह माना जा रहा है. खबर है कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की प्रदूषण मापने की इकाई एयर क्वॉलिटी (AQI) में इस साल के आंकड़े पिछले दो सालों के मुकाबले बेहतर दिख रहे हैं.

नवंबर महीने में औसत AQI 334.9 रहा

अक्टूबर 2018 की बात करें तो इसमें औसत AQI 268.6 रहा जो 2017 के 284.9 और 2016 के 270.9 से कुछ बेहतर है. वहीं नवंबर में औसत AQI 334.9 रहा जो कि पिछले दो सालों के मुकाबले काफी बेहतर माना जा रहा है. यह 2017 के नवंबर में 360.9 और 2016 में 374.06 था. नवंबर में दिवाली के बावजूद सुधार देखने को मिला जबकि पिछले दोनों बार दिवाली अक्टूबर में थी.इतना ही नहीं, 2018 के नवंबर में सबसे ज्यादा AQI 426 रहा जो नवंबर 2017 के 486 और 2016 के 497 के काफी बेहतर कहा जाएगा.

AQI 400 या उससे ऊपर को खतरनाक माना जाता है

बता दें कि AQI में 100 से कम को सुरक्षित, 100-200 को ठीकठाक, 200-300 को खराब, 300-400 को बहुत खराब और 400 या उससे ऊपर को खतरनाक माना जाता है.सीपीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस बार प्रदुषण पर काफी रोक लगाया जा सका है. हालांकि हवा की गुणवत्ता इस साल नवंबर में भी खतरनाक की स्थिति में पहुंच गई थी लेकिन यह पिछले 2 साल के मुकाबले सही थी.

दिल्ली में ट्रको की एंट्री पर लगी रोक

वहीं सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरेनमेंट एयर पॉल्यूशन प्रोग्राम की हेड अनुमिता रायचौधरी ने कहा कि मौसम में बदलाव और प्रदूषण को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के चलते इस बार की सर्दी ज्यादा साफ रहेगी. CPCB के अधिकारी मानते हैं कि नवंबर की शुरुआत में उठाए गए कुछ कदमों की वजह से इस साल फायदा मिला है. अधिकारी, पहले से बेहतर स्थिति के पीछे निर्माण कार्यों पर लगी रोक, दिल्ली में ट्रको की एंट्री पर लगी रोक को भी बड़ी वजह मानते हैं. इतना ही नहीं ईस्टर्न, सदर्न और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को भी बेहतर हालात के लिए वजह माना जा रहा है, क्योंकि इससे हवा का फ्री फ्लो रहा है.

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