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हादसों के सिग्नेचर ब्रिज पर अब हुड़दंगियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने बढ़ा दी चौकसी

सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन के साथ ही चर्चा और विवाद में रहा. इस पुल को बनाने का श्रेय लेने की होड़ में दिल्ली की सभी पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करती रही हैं.

Updated On: Nov 28, 2018 09:18 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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हादसों के सिग्नेचर ब्रिज पर अब हुड़दंगियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने बढ़ा दी चौकसी

दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर लगातार हो रहे हादसों के बाद दिल्ली पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है. दिल्ली पुलिस ने यहां पर अब स्थाई पुलिस बल तैनात कर दिया है. दिल्ली पुलिस की स्थाई पुलिस बल की तैनाती के बाद नतीजा भी दिखने लगा है. दिल्ली पुलिस के सख्त कदम के बाद हुड़दंगी बाइकर्स अपना रास्ता बदलने को विवश हो रहे हैं. सेल्फी लेना बंद कर दिया गया है. सेल्फी ले रहे लोगों को वहां से तुरंत हटा दिया जा रहा है. पिलर्स पर सेल्फी लेने कोई भी पहुंचता है तो पुलिस तुरंत ही सख्त रुख अख्तियार कर लेती है. मोटरसाइकिल पर ट्रिपलिंग करने वाले पुलिस की इस मुस्तैदी के बाद अपना रास्ता बदल रहे हैं. हालांकि कुछ लोग अब भी अपनी इस करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं.

बता दें कि सिग्नेचर ब्रिज में आए दिन हादसे के बाद दिल्ली सरकार परेशान हो गई है. सिग्नेचर ब्रिज पर पिछले सप्ताह 24 घंटे के अंदर तीन लोगों की जान चली गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया.

सिग्नेचर ब्रिज का मुख्य आकर्षण 154 मीटर ऊंचाई वाला पिलर है, जिस पर लोग चढ़ कर सेल्फी लेने का प्रयास करते हैं. दो दिन पहले ही दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग ने भी इस ब्रिज को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद करने के लिए ट्रैफिक पुलिस से अनुमति मांगी है. ब्रिज के कुछ हिस्से का काम अभी भी बचा हुआ है. दिल्ली सरकार का कहना है कि इस ब्रिज के अंतिम 22 मीटर के सेगमेंट पर काम होना बाकी है इसलिए बाकी बचा काम रात के समय पूरी किया जाएगा.

Delhi Signature Bridge

(फोटो: फेसबुक से साभार)

पिछले सप्ताह तीन लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ब्रिज पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की सोच रही है. दिल्ली पुलिस ने भी बुधवार से अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है. दिल्ली पुलिस इस ब्रिज पर अब लोगों को न तो ज्यादा देर तक रुकने दे रही और न ही सेल्फी लेने दे रही है. इसके साथ पुलिस किन्नरों के साथ भी सख्ती से पेश आ रही है. पिछले सप्ताह ही सिग्नेचर ब्रिज पर किन्नरों का हुड़दंग करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सिग्नेचर ब्रिज पर रोजाना लगभग 200 से 300 चालान काट रही है. हालांकि, मंगलवार से इसमें काफी कमी आई है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि ज्यादातर चालान बिना हेलमेट वालों के कटते हैं. इसके अलावा ओवर स्पीड और गलत तरीके से पार्किंग कर सेल्फी लेने वालों का भी खूब चलान काटे जा रहे हैं.

दिलचस्प बात यह है कि बीते 4 नवंबर को ही इस पुल का उद्घाटन करते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था, ‘यह पुल स्थानीय और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक केंद्र बनेगा. जो लोग इंडिया गेट और कुतुब मीनार जैसे ऐतिहासिक स्थल को देखने दिल्ली आते हैं, वे अब इस पुल को देखकर रोमांचित महसूस करेंगे.’

लेकिन, उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही यह ब्रिज अरविंद केजरीवाल के लिए मुसीबत बन कर सामने खड़ी हो गया, जब यहां पर एक के बाद एक हादसे होते चले गए. सिग्नेचर ब्रिज पर्यटन का केंद्र तो अब तक नहीं बन पाया उल्टे मौत का ब्रिज बनने की दिशा में जरूर आगे बढ़ने लगा. ऐसे में दिल्ली सरकार ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर समस्या से निजात के लिए ब्रिज पर बचे काम रात को कराने का फैसला किया.

बता दें कि इस सिग्नेचर ब्रिज की ऊंचाई कुतुब मीनार से दोगुनी है. यह परियोजना 14 साल से लटकी हुई थी. यह ब्रिज यमुना नदी के पार वजीराबाद को शहर के आंतरिक भाग से जोड़ता है और इससे उत्तरी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा में कम समय लगने लगा. इस पुल से बड़ी संख्या में उन यात्रियों को राहत मिल रह थी जो पहले वजीराबाद इलाके में एक छोटे से पुल पर लंबे यातायात जाम में फंस जाते थे. उन लोगों को यात्रा में कम समय लगने लगा था.

signature bridge

आपको बता दें कि कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर है और सिग्नेचर ब्रिज की ऊंचाई 154 मीटर है. 675 मीटर लंबे इस ब्रिज की नींव 2004 में रखी गई थी. इसे बनकर तैयार होने में 14 वर्ष लग गए साथ ही इसकी लागत भी इस दौरान कई गुना ज्यादा बढ़ गई. केजरीवाल सरकार ने इसके लिए 2017 में 100 करोड़ रुपए आवंटित किए थे और इसे मार्च 2018 तक बन तैयार होना था. लेकिन तकनीकी और दूसरे कारणों से इसमे समय लग गया.

सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन के साथ ही चर्चा और विवाद में रहा. इस पुल को बनाने का श्रेय लेने की होड़ में दिल्ली की सभी पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करती रही हैं. हद तो तब हो गई जब 4 नवंबर को बीजेपी और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में मारपीट हुई.

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