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'भारत का बिन लादेन' है सुब्हान, विप्रो की नौकरी छोड़ बना बम एक्सपर्ट

करीब 15 साल से फरार चल रहे तौकीर को 'भारत का बिन लादेन' भी कहा जाता है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ली राहत की सांस

Updated On: Jan 22, 2018 01:46 PM IST

FP Staff

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'भारत का बिन लादेन' है सुब्हान, विप्रो की नौकरी छोड़ बना बम एक्सपर्ट

देशभर में कई सीरियल ब्लास्ट में शामिल अब्दुल सुब्हान कुरैशी उर्फ तौकीर को दिल्ली पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है. करीब 15 साल से फरार चल रहे तौकीर को 'भारत का बिन लादेन' भी कहा जाता है.

तौकीर लंबे समय से फरार था और देश में हुए कई आतंकी हमले में देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को उसकी तलाश थी.

खुद बनाता था बम

तौकीर इंडियन मुजाहिदीन का बम विशेषज्ञ है. हर बम को वो खुद तैयार करता था. इंडियन मुजाहिदीन का ट्रेनिंग मास्टर हर नए आतंकी को खुद खास ट्रेनिंग देता था. योजना बनाने में इतना शातिर है कि अहमदाबाद धमाके के बाद तकरीबन एक दर्जन धमाके हुए लेकिन आज तक एक का भी सुराग नहीं मिल पाया था. न ही पुलिस 10 साल से तौकीर को खोज पाई थी.

आतंक का हाईटेक चेहरा

अब्दुल सुब्हान को भारत में आतंकवाद का नया हाईटेक चेहरा कहा जा सकता है. वह मुंबई के मस्जिद बांदर का रहने वाला है. खास बात यह है कि वह सिर्फ कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में ही निपुण नहीं है, बल्कि विस्फोटकों का भी विशेषज्ञ है. उसने आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने में अपनी दोनों तरह की जानकारी का जहरीला कॉकटेल बनाकर बेकसूरों का लहू बहाने में इसका घातक इस्तेमाल किया है.

बारहवीं कक्षा के बाद तौकीर ने कम्प्यूटर साइंस में डिप्लोमा हासिल किया. उसे विप्रो कंपनी में नौकरी मिली. 1999 में तौकीर ने निकाह किया और उसके तीन बच्चे हैं.

तौकीर के 2007 में इंदौर के नजदीक चोरल में हुए कमांडो ट्रेनिंग कैंप में शामिल होने की बात सामने आई थी. वह 2008 में सिमी की उस मीटिंग में भी शामिल होने आ रहा था जिस दौरान छापे में सिमी के 13 आतंकी पकड़े गए थे.

सुरक्षा एजेंसियों को नहीं थी भनक

ताज्जुब की बात यह है कि भारतीय खुफिया एजेंसियां मार्च, 2008 तक सुभान को नहीं जानती थी. सफदर नागौरी की गिरफ्तारी के बाद देशभर में हुए धमाकों के बाद पहली बार उसका नाम सुरक्षा एजेंसियों की जुबां पर आया था.

2001 में सफदर नागौरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखने के बाद उसके बारे में सुरक्षा एजेंसियों को कोई जानकारी नहीं थी. विस्फोटों की जांच कर रही एजेंसियां और देश की खुफिया एजेंसी इस नाटे कद के पतले-दुबले शख्स यानी कासिम की तलाश जोर-शोर से कर रही थीं.

लादेन से मिलती है चेहरे की बनावट

सफदर नागौरी की गिरफ्तारी और सिमी पर बैन के बाद उसने इंडियन मुजाहिदीन का एक नया माड्यूल बनाया. आतंकियों के इस नए मॉडयूल ने काम करने के अपने सारे पुराने तरीके बदल दिए. तौकीर के चेहरे की बनावट कुछ कुछ ओसामा से भी मिलती है. इसलिए वो इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों के बीच ओसामा के नाम से मशहूर है.

तौकीर ने आतंकवादियों को ट्रेंड करने और जयपुर, अहमदाबाद और सूरत के सीरियल बम विस्फोटों के लिए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने में मदद की है. उसे आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैबा ने पाकिस्तान में 2001 में आतंकवाद की ट्रेनिंग दी.

(साभारःन्यूज18)

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