S M L

तिरंगे में लपेटकर दिल्ली पुलिस ने मोर को दफनाया

दिल्ली पुलिस के तिलक मार्ग थाने के एक अफसर ने बताया कि हमने मोर को पूरा सम्मान दिया और इसे तिरंगे में दफनाया है क्योंकि मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है

Updated On: May 08, 2018 04:20 PM IST

FP Staff

0
तिरंगे में लपेटकर दिल्ली पुलिस ने मोर को दफनाया

अब तक आपने किसी भी नामचीन हस्ती, नेता या किसी शहीद के ही अंतिम संस्कार में तिरंगे का इस्तेमाल देखा होगा. इसके लिए बकायदा नियम भी बनाए गए हैं. लेकिन दिल्ली पुलिस ने एक मृत मोर के शव को तिरंगे में लपेटकर दफनाने का काम किया है. दिल्ली पुलिस के इस कारनामे के बाद काफी विवाद हो गया है और कई लोग इसे तिरंगे का अपमान कह रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एक मृत मोर को तिरंगे में लपेटा और फिर एक लकड़ी के बक्से में डालकर इसे दफना दिया. पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट के पास से इस मोर को सुरक्षित निकाला था लेकिन गंभीर चोटों की वजह से उसकी मौत हो गई.

दिल्ली पुलिस के तिलक मार्ग थाने के एक अफसर ने बताया कि हमने मोर को पूरा सम्मान दिया और इसे तिरंगे में दफनाया है क्योंकि मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है. पुलिस अधिकारी का कहना है कि यह एक प्रोटोकॉल का हिस्सा है और भविष्य में भी अगर कोई मृतक मोर मिलेगा तो वह इसी प्रोटोकॉल का पालन करेंगे. वहीं वन्यजीव कार्यकर्ताओं का कहना है कि अंतिम संस्कार के दौरान वन्यजीव कानून का उल्लंघन हुआ है क्योंकि मोर अनुसूची-1 का पक्षी है.

हालांकि जब कार्यकर्ताओं से इस तरह के प्रोटोकॉल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस तरह का कोई प्रोटोकॉल मौजूद ही नहीं है. उनका कहना है कि मोर को दफनाते समय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 का उल्लंघन हुआ है. इस अधिनियम के तहत अनुसूची-1 के पक्षी को दफनाने का काम पोस्टमार्टम के बाद केवल राज्य वन विभाग कर सकता है.

कब होता अंतिम संस्कार में तिरंगे का इस्तेमाल?

फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के सेक्शन 5 की धारा 3.30 के अनुसार तिरंगे का इस्तेमाल किसी भी चीज को लेने, देने, पकड़ने या ले जाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. इस धारा में यह भी कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या किसी उत्सव के अवसर पर तिरंगे को फहराए जाने से पहले इसमें फूल रखने की इजाजत है.

तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं. प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, केंद्र और राज्यों के पूर्व या वर्तमान मंत्री, शहीद जवान या इस तरह के किसी सम्मानित व्यक्ति के अंतिम संस्कार में ही तिरंगे का इस्तेमाल होता है. इसके अलावा राज्य सरकार अगर किसी सम्मानित व्यक्ति के अंतिम संस्कार में तिरंगे के इस्तेमाल की इजाजत या निर्देश दे तब वैसी स्थिति में तिरंगे में शव को लपेटा जा सकता है. अभी हाल ही में सुपरस्टार श्रीदेवी के अंतिम संस्कार में तिरंगे का इस्तेमाल हुआ था. महात्मा गांधी देश के पहले व्यक्ति थे जिनके शव को तिरंगे में लपेटा गया था.

मोर के शव को तिरंगे में लपेटकर उसका अंतिम संस्कार करने से दिल्ली पुलिस मुसीबत में फंस सकती है.

(तस्वीर प्रतीकात्मक)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi