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भारत के इस डॉक्टर को अपना रियल लाइफ हीरो मानते हैं बिल गेट्स

पोलियो मरीजों पर किए गए काम के कारण गेट्स ने पुरानी दिल्ली के सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल में भारत का एकमात्र पोलियो वॉर्ड चलाने वाले डॉ.मैथ्यू वर्गीज की तारीफ की है

FP Staff Updated On: Jan 27, 2018 02:45 PM IST

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भारत के इस डॉक्टर को अपना रियल लाइफ हीरो मानते हैं बिल गेट्स

आप यह जानकार चौंक जाएंगे कि बिल गेट्स जिन पांच लोगों को अपना रियल लाइफ हीरो मानते हैं, उनमें दिल्ली के एक ऑर्थोपेडिक डॉक्टर भी हैं. इस बारे में गेट्स ने अपने ब्लॉग गेट्सनोट्स में लिखा भी है.

पोलियो मरीजों पर किए गए कामों के कारण गेट्स ने पुरानी दिल्ली के सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल में भारत का एकमात्र पोलियो वॉर्ड चलाने वाले डॉ.मैथ्यू वर्गीज की तारीफ की है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, डॉ. वर्गीज पोलियो मरीजों के इलाज में अपना पूरा समय देने की इच्छा रखते है. वैसे इन मरीजों की संख्या पहले की तुलना में काफी घटी है. एक वक्त था जब हर साल सेंट स्टीफंस में आने वाले पोलियो मरीजों की संख्या 600 से ज्यादा होती थी. अब यह संख्या घटकर 200 से नीचे आ गई है. वैसे अभी डॉ. वर्गीज के खाली वॉर्ड के सपने को पूरा होने में थोड़ा वक्त लगा सकता है. वर्गीज हमेशा चाहते हैं कि पोलियो वॉर्ड जितनी जल्दी हो सके, खाली हो जाए.

कई मरीजों को चंगा किया डॉ. वर्गीज ने

डॉ.वर्गीज ने कई मरीजों को सही सलामत कर घर भेजा है. अर्चना नाम की एक मरीज जब हॉस्पिटल में सर्जरी के लिए आई थी तो उसकी उम्र 14 साल थी. डॉ.वर्गीज ने बताया, 'वह अपने पैरों से नहीं चल पाती थी. मैंने उसके कूल्हे, घुटने और पैर की शिकायतों को दूर करने के लिए कई ऑपरेशन किए.'

इलाज के दौरान डॉ. वर्गिज का मरीजों के प्रति लगाव हो जाता है और मरीज उन पर हद से ज्यादा भरोसा करते हैं. डॉ.वर्गीज ने कहा, 'कुछ साल पहले एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर मेरे पास आई. उसे बुखार था लेकिन हड्डी या जोड़ों में कोई शिकायत नहीं थी इसलिए मैंने केस को पिडियाट्रिक्स के पास रेफर कर दिया. लेकिन महिला का मन था कि मैं ही बच्चे का इलाज करूं.'

'तारीफ से काम पर असर नहीं पड़ता'

बिल गेट्स की तारीफ को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में वर्गिज ने कहा, 'तारीफ से मेरे काम पर कोई असर नहीं पड़ता. लेकिन हां, मैं उम्मीद करता हूं इससे और भी डॉक्टर व युवा प्रेरित होंगे और पोलियो के मरीजों के पुनर्वास में आगे आएंगे.'

दिल्ली के सबसे पुराने अस्पतालों में सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल का नाम भी शामिल है. यहां पोलियो वॉर्ड की शुरुआत 1987 में हुई थी. 1990 में जब पोलियो भारत में महामारी की तरह फैला था, तब यहां का वॉर्ड पूरी तरह भरा रहता था. तब भारत में हर साल दो से चार लाख पोलियो के मामले सामने आते थे. 2011 तक पोलियो को भारत से खत्म कर दिया गया है. लेकिन बीमारी से पीड़ित चलने-फिरने में मजबूर लोगों की संख्या अब भी हजारों में है.

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