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दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से राहत नहीं, अगले तीन दिन AQI रहेगा 'बहुत खराब'

दिल्ली की एयर क्वालिटी में सुधार आने की संभावना कम ही नजर आ रही है. प्रदूषण पर नजर रखने वाली एजेंसियों ने बताया है कि अगले किन तीन दिन तक दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई बहुत खराब ही रहेगा

Updated On: Nov 02, 2018 09:28 AM IST

FP Staff

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दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से राहत नहीं, अगले तीन दिन AQI रहेगा 'बहुत खराब'
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दिल्ली की एयर क्वालिटी में सुधार आने की संभावना कम ही नजर आ रही है. प्रदूषण पर नजर रखने वाली एजेंसियों ने बताया है कि अगले किन तीन दिन तक दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई बहुत खराब ही रहेगा. पराली जलाए जाने और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण यह 'गंभीर' स्तर पर पहुंचने के कगार पर है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के मुताबिक दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 393 दर्ज किया गया जो बेहद खराब की श्रेणी में आता है और गंभीर की श्रेणी से महज सात बिंदु नीचे है. गुड़गांव, फरीदाबाद और नोएडा में एक्यूआई 416 दर्ज किया गया जो 'गंभीर' की श्रेणी में आता है जबकि गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' दर्ज की गई.

हवा में पीएम 2.5 की मौजूदगी 217 दर्ज की गई. सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 368 रहा. केंद्र संचालित वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एवं शोध प्रणाली (सफर) ने कहा है कि अगले तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 'बहुत खराब' की ऊपरी श्रेणी में बना रहेगा.

सफर की वेबसाइट के मुताबिक, यह मुख्यत: मौसमी परिस्थितियों के कारण है क्योंकि पराली जलाने का असर अब कम हो गया है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों की हवा में नमी का प्रवेश चार नवंबर से बढ़ेगा जिससे वातावरण में पीएम 2.5 को सोखने की क्षमता बढ़ जाएगी.

संस्थान ने कहा, हवा शांत हैं जो प्रदूषण को लंबे समय तक रोक कर रखेंगी. हालांकि ऊपरी हवाएं पराली जलाए जाने वाले इलाकों की तरफ से बह रही हैं लेकिन गति धीमी है और इसी वजह से दिल्ली की वायु गुणवत्ता को महत्त्वपूर्ण ढंग से प्रभावित कर सकती है. सफर के मुताबिक दिल्ली में पीएम 2.5 के कारण होने वाला 12 प्रतिशत प्रदूषण पराली जलाए जाने के कारण है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को भी निर्देश दिया है कि वे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नजर रखे.

2024 तक PM 2.5 और 10 को एक निश्चित स्तर पर लाने की तैयारी

सरकार वर्ष 2024 तक पीएम 2.5 और 10 को एक निश्चित स्तर तक लाने की योजना बना रही है. जेनेवा में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) शिखर सम्मेलन में गुरुवार को भारत ने कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए निश्चित समय सीमा वाली एक राष्ट्रीय रणनीति होगी.

यह संभवतः पहली बार है कि सरकार ने समय सीमा के तहत प्रदूषण कम करने के लिए एक निश्चित लक्ष्य निर्धारित किया है. अधिकारी ने कहा कि लक्ष्य प्रदूषण को 20 से 30 प्रतिशत कम करने का है. अधिकारी ने कहा कि 102 शहरों, कस्बों के लिए राष्ट्रीय स्तर की रणनीति लाने की योजना है.

(इनपुट भाषा से)

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