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30 से हड़ताल पर दिल्ली मेट्रो के 9 हजार कर्मचारी, ठप हो सकती हैं सेवाएं

अपने 10 सूत्री मांगों के ज्ञापन में मेट्रो कर्मचारियों ने मेट्रो मैनेजमेंट पर पिछले साल हुए समझौते को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है

Updated On: Jun 28, 2018 03:56 PM IST

FP Staff

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30 से हड़ताल पर दिल्ली मेट्रो के 9 हजार कर्मचारी, ठप हो सकती हैं सेवाएं

दिल्ली मेट्रो के 9 हजार कर्मचारियों ने शनिवार से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. इससे दिल्ली मेट्रो की सेवा ठप होने का खतरा मंडरा गया है.

अपने 10 सूत्री मांगों के ज्ञापन में मेट्रो कर्मचारियों ने मेट्रो मैनेजमेंट पर पिछले साल हुए समझौते को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है, साथ ही मैनेजमेंट की तरफ से गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के साथ वेतन में भेदभाव और शोषण की बात कही गई है.

दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 19 जून से ही हाथ पर काली पट्टी बांध सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मेट्रो प्रबंधन की ओर से कोई जवाब न मिलने से कर्मचारियों ने सभी सुविधाओं को छोड़ने और अपनी ड्यूटी के दौरान भूखा रहने का फैसला लिया है. यह विरोध प्रदर्शन बीते 25 जून से चल रहा है. इस दौरान कर्मचारियों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन भी किया.

ड्यूटी के दौरान मिलनेवाले आराम करने के समय कर्मचारी रेस्टरूम की जगह प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शन कर रहे हैं. भीषण गर्मी की वजह से कुछ महिला कर्मचारियों की इस दौरान तबियत भी खराब हो चुकी है.

29 जून को मेट्रो कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. कर्मचारी परिषद का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी घटना और यात्रियों की असुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो प्रबंधन जिम्मेदार होगा.

मेट्रो कर्मचारियों की 10 सूत्री मांगें

1. दिल्ली मेट्रो रेल निगम कर्मचारी यूनियन को रिकॉग्निशन दिया जाए और कर्मचारी परिषद का विलय किया जाए क्योंकि एग्रीमेंट के 11 महीने बाद भी बाहरी हस्तक्षेप को छोड़कर जो यूनियन को सभी अधिकार दिए जाने थे पर नहीं दिए गए.

2. 23 जुलाई 2017 के समझौते में वेतनमान सुधार संबंधी समझौते को प्वाइंट टू प्वाइंट वैसे ही लागू किया जाए जैसा कि 15 मई 2018 को MoM में परिषद के द्वारा प्रस्तावित किया गया है और 1 जुलाई से 2015 से एरियर दिया जाए.

3. गैर कार्यपालक कर्मचारियों का तीसरे IDA वेतन संसोधन को परिषद द्वारा जमा किए गए Annexure-A के अनुसार किया जाए.

4. सभी वर्तमान भत्तों का रिवीजन और नए भत्तों का समावेश Annexure-B के अनुसार किया जाए.

5. 23 जुलाई 2017 के समझौते के अनुसार गैर कार्यपालक कर्मचारियों के लिए परिषद द्वारा जमा ट्रांसफर पॉलिसी लागू किया जाए.

6. स्टेशन कर्मियों के काम की सीमा, आराम का समय निर्धारण, संरक्षा के साथ रेवेन्यू का काम करने के लिए भत्ते से संबंधित SOP निर्देश परिषद सचिव द्वारा 23 सितंबर 2017 के अनुसार बनाए जाएं.

7. सभी मेट्रो कर्मचारियों के लिए बेनेवोलेंट फंड की पॉलिसी जल्द से जल्द परिषद के साथ हुई बातचीत के अनुसार बनाई जाए.

8. 31 मई 2018 और बीते सालों में मेट्रो कर्मचारियों के ऊपर हुए कई हमलों को सज्ञान में लेते हुए कार्यस्थल पर कर्मचारियों की संरक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए जल्द से जल्द उचित गाइडलाइन बनाई जाए और CISF कर्मियों का मेट्रो परिसर में कार्य करने की गाइडलाइंस बनाए जाए.

9. PDR नियम और उसके सभी प्रभावों को सस्पेंड कर इसे पूरी तरह से खत्म किया जाए और D&AR में टर्मिनेशन के लिए Extreme Condition की सूची बनाई जाए ताकि छोटी गलतियों पर भी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने, तानाशाही और भय का वातावरण खत्म हो.

10. छोटी-छोटी गलतियों पर नौकरी से निकाले गए कर्मियों की सजा को रिव्यू किया जाए और उनकी सजा कम करके उन्हें नौकरी में वापस लिया जाए.

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