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क्या आपने दिल्ली मेट्रो में कभी डस्टबिन देखा है

दिल्ली की लाइफ लाइन माने जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने 25 दिसंबर को 15 साल पूरे कर लिए हैं.

FP Staff Updated On: Dec 25, 2017 03:46 PM IST

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क्या आपने दिल्ली मेट्रो में कभी डस्टबिन देखा है

लगभग आप सभी लोग दिल्ली मेट्रो के जरिए अपना सफर तय करते होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेट्रो स्टेशन में बनी पीली लाईन का मतलब क्या  है. दिल्ली की लाइफ लाइन माने जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने सोमवार 15 साल पूरे कर लिए हैं. और इस मौके पर हम आपको बताएंगे दिल्ली मेट्रो से जुड़ी कुछ ऐसी खास बातें जो आपके सामने होते हुए भी आपने शायद ही कभी गौर की होंगी.

डीएमआरसी की 2016-17 की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के टॉप 34 मेट्रो स्टेशनोंं में दिल्ली मेट्रो स्टेशन दसवें स्थान पर है. इस मेट्रो स्टेशन में कुल 227 ट्रेनें चलती है जिनमें लगभग 20 लाख  लोग रोजाना सफर करते हैं. दिल्ली मेट्रो के पटेलनगर स्टेशन पर मेट्रो म्यूज़ियम है, यहां पर आप मेट्रो से जुड़ी कई बातें जान सकते हैं.

नहीं होते डस्टबिन

क्या आपने कभी गौर किया है कि मेट्रो स्टेशन पर सिवाए किसी स्टॉल के एंट्री के कहीं पर भी डस्टबिन नहीं लगे होते पर फिर भी मेट्रो स्टेशन पर हमेशा सफाई रहती है. यकीनन इसका पूरा श्रेय मेट्रो स्टाफ को ही जाता है जो डस्टबिन न होते हुए भी सफाई का पूरा ध्यान देते हैं.

ईवन नंबर कोच

आपने हमेशा मेट्रो या तो 6 कोच वाली देखी होंगी या फिर 8 वाली. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मेट्रो 2 तरह की होती हैं. एक ड्राइवर कार और दुसरी मोटर कार जो हमेशा एक ही यूनिट की तरह इस्तेमाल की जाती हैं और  हम एक-एक डिब्बे को अलग इस्तेमाल नही कर सकते. इसलिए मेट्रो कोच हमेशा ईवन नंबर ही होते हैं.

सफर के बाद भी डीएमआरसी रखता है आपका पूरा ख्याल

आपको अपने सफर में कोई तकलीफ न हो इसका पूरा ध्यान रखती है डीएमआरसी. तभी तो मेट्रो स्टेशन से बहार निकलकर कई जगहो पर साइकिल किराए पर मिलने की व्यवस्था होती है. इसमें आपको 10 रुपए में चार घंटे के लिए साइकिल किराए पर मिलती है. बस आपको अपना आईडी प्रूफ देना होगा.

एस्कलेटर में होता साड़ी गार्ड फीचर

दिल्ली मेट्रो के एस्कलेटर में एक साड़ी गार्ड फीचर भी होता है जो जल्दबाजी में आपके कपड़ो को एस्कलेटर में फसने से बचाता है.

पीली लाइन

मेट्रो स्टेशन पर अकसर आपने एक पीली लाइन देखी होगी जो पूरे स्टेशन पर फैली होती है. दरअसल ये लाइन उन लोगो के लिए रास्ते का काम करती है जो देख नही सकते. इस लाइन के सहारे एेसे लोग बिना किसी की मदद के लिफ्ट या फिर स्टेशन के एग्जिट पर आसानी से पहुंच सकते है.

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