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दिल्ली मेट्रो किराया: केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच अनबन जारी

आम आदमी पार्टी का कहना है कि कोलकाता के बाद दिल्ली मेट्रो शुरू हुई और यहां किराया कोलकाता मेट्रो से भी ज्यादा हो गई

Updated On: Oct 02, 2017 10:41 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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दिल्ली मेट्रो किराया: केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच अनबन जारी

दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाए जाने के विरोध में दिल्ली की आम आदमी पार्टी अब खुलकर सामने आ गई है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली सरकार के मना करने के बावजूद डीएमआरसी किराया बढ़ा रही है. दिल्ली में मेट्रो में सफर करना अब कोलकाता के मुकाबले भी महंगा हो जाएगा.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को जहां मेट्रो किराया बढ़ोतरी को लेकर ऑडिट की मांग की थी वहीं सोमवार को आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने डीएमआरसी पर हमला बोला.

क्या है आम आदमी पार्टी की मांग ?

आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली सरकार ने लिखित में किराया बढ़ाने का विरोध किया था, लेकिन डीएमआरसी और केंद्र सरकार आम जनता की जेब काटने पर आमादा है.

आम आदमी पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘जहां दिल्ली मेट्रो में पहले 5 किलोमीटर का किराया 10 रुपए है वहीं कोलकाता में पहले 5 किलोमीटर के सफर का किराया 5 रुपए है, अधिकतम किराए की बात करें तो दिल्ली में जहां 32 किलोमीटर और उससे ज्यादा का सफर मेट्रो में करने पर 50 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं वहीं कोलकाता में 25 किलोमीटर और उससे ज्यादा का सफर करने के लिए 25 रुपए का अधिकतम किराया लगता है. कोलकाता भी एक मेट्रो शहर है लेकिन बावजूद इसके दिल्ली में कोलकाता के मुकाबले मेट्रो का किराया ज्यादा है.’

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा, ‘जहां तक बात फेयर फिक्सेशन कमिटी में दिल्ली सरकार के प्रतिनिधित्व की है तो दिल्ली सरकार की तरफ से कमिटी के सदस्य रहे के के शर्मा ने दिल्ली सरकार का 30 जून 2017 का वो पत्र भी कमिटी को सौंपा था जिसमें मेट्रो किराया बढ़ाने का पुरजोर विरोध दिल्ली सरकार ने किया था.

किसकी मनमर्जी है ये?

आम आदमी पार्टी ने कहा है कि हमारा सिर्फ यही कहना है कि जब दिल्ली सरकार के मत को महत्व ही नहीं दिया गया तो कमिटी में एक चुनी हुई सरकार के प्रतिनिधि को शामिल करने का फायदा क्या हुआ? किराया बढ़ाने में डीएमआरसी और केंद्रीय मंत्रालय अपनी मनमर्जी चला रहे हैं.

आम आदमी पार्टी का कहना है कि कोलकाता भी एक मेट्रो शहर है. कोलकाता में मेट्रो ट्रेन की शुरुआत दिल्ली से भी पहले हुई थी लेकिन वहां मेट्रो का किराया दिल्ली मेट्रो के मुकाबले बेहद कम है.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली मेट्रो के खातों की एक इंडिपेंडेंट ऑडिट कराए जाने और जांच रिपोर्ट आने तक किराया नहीं बढ़ाने की मांग की थी. यह मांग उन्होंने फर्जी घाटा दिखाकर किराया बढ़ाए जाने की आशंका के मद्देनजर की थी.

रविवार को अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार ने बीते साल सितंबर में भी प्रस्तावित किराया वृद्धि का विरोध किया था. केजरीवाल ने किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) द्वारा उनकी मांगों की उपेक्षा करने को लेकर समिति की निंदा की थी. एफएफसी ही मेट्रो किराए में वृद्धि का निर्णय लेती है.

क्या है कमेटी का काम

पिछले साल ही केंद्र सरकार ने किराए में वृद्धि की सिफारिश के मामले को देखने के लिए तीन सदस्यीए एफएफसी गठित की थी.

इस कमेटी में केंद्र और दिल्ली सरकार के मनोनीत व्यक्ति के साथ दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त एक न्यायाधीश शामिल हैं. एफएफसी ने मई में दो चरणों में वृद्धि को मंजूरी दी थी. इसमें से एक वृद्धि पहले ही हो चुकी है, जबकि दूसरी वृद्धि 10 अक्टूबर को लागू होनी है.

इस साल जून महीने में हुई किराया वृद्धि के लिए गठित समिति में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के तत्कालीन अतिरिक्त सचिव और दिल्ली सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव सदस्य थे. समिति ने इस बात पर जोर दिया था कि साल 2016-17 की तुलना में साल 2017-18 में मेट्रो परियोजनाओं पर 74 फीसदी खर्च बढ़ गया है. ऐसे में अगर मेट्रो का किराया नहीं बढ़ा तो परिचालन से होने वाला मुनाफा न के बराबर रह जाएगा.

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