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किराया बढ़ने की वजह से दिल्ली मेट्रो में रोजाना घटे 3 लाख यात्री: RTI

सितंबर में मेट्रो से यात्रा करने वाली सवारियों की संख्या लगभग 27.4 लाख थी, जो किराया बढ़ने के बाद से ही 11 प्रतिशत के गिरावट के साथ 24.2 लाख पर आ गई.

FP Staff Updated On: Nov 24, 2017 08:17 PM IST

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किराया बढ़ने की वजह से दिल्ली मेट्रो में रोजाना घटे 3 लाख यात्री: RTI

दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन पिछले दिनों किराए में बढ़ोत्तरी को लेकर काफी चर्चा में रही थी. मेट्रो के किराए इतने ज्यादा बढ़ा दिए गए थे कि जनता से लेकर दिल्ली सरकार सबने इसकी आलोचना की थी और अब इस कदम के नतीजे भी सामने आ गए हैं.

आरटीआई के जरिए पूछे गए एक सवाल में सामने आया है कि 10 अक्टूबर को मेट्रो के किराए में भारी बढोत्तरी करने के बाद से रोज यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 3 लाख की गिरावट आई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में प्रतिदिन मेट्रो से यात्रा करने वाली सवारियों की संख्या लगभग 27.4 लाख थी, जो किराया बढ़ने के बाद से ही 11 प्रतिशत के गिरावट के साथ 24.2 लाख पर आ गई.

डीएमआरसी की ओर से 10 अक्टूबर को किराया बढ़ोत्तरी लागू करने से हर दूरी स्लैब में करीब 10 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई. इससे पांच महीने पहले ही किराए में करीब 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी.

पीटीआई की ओर से दाखिल की गई आरटीआई में ये आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के सबसे व्यस्ततम ब्लू लाइन पर लगभग 30 लाख लोगों ने मेट्रो लेना बंद कर दिया. वहीं, ब्लू लाइन के बाद दूसरे नंबर व्यस्त रहने वाली येलो लाइन के सवारियों में भी 19 लाख की कमी आई है.

अरविंद केजरीवाल ने ये आंकड़े आने के बाद कुछ ये ट्वीट किया है, 'इन लोगों ने किराया बढ़ने की वजह से ट्रांसपोर्ट की दूसरे साधनों का इस्तेमाल किया, जिससे प्रदूषण बढ़ा. दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाना किसी भी मामले में मददगार फैसला नहीं था.'

देखा जाए, तो मेट्रो के सवारियों में पिछले सालों में पहली बार इतनी गिरावट आई है. हालांकि, दिल्ली मेट्रो की नई लाइन की शुरुआत के वक्त यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ था लेकिन पिछले वक्त में ये संख्या कम हुई है.

अक्टूबर से पहले मई में भी पहले चरण में किराया बढ़ाया गया था, जिसके बाद मेट्रो में यात्रियों की संख्या जून में रोजाना करीब 1.5 लाख घट गई थी.

अरविंद केजरीवाल की आप सरकार ने किराया बढ़ोत्तरी का विरोध किया जिससे केंद्र के साथ तकरार भी हुई थी. वहीं, डीएमआरसी और आवास व शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कदम का समर्थन करते हुए कहा था कि यह मेट्रो की आर्थिक हालत के साथ ही परिचालन खर्च को बनाए रखने के लिए जरूरी है.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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