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दिल्लीः कट सकता है कई सरकारी दफ्तरों के पानी का कनेक्शन

दिल्ली जल बोर्ड ने कहा कि 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया नहीं चुकाने पर सरकारी दफ्तरों को की जा रही पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी

FP Staff Updated On: Dec 10, 2017 02:46 PM IST

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दिल्लीः कट सकता है कई सरकारी दफ्तरों के पानी का कनेक्शन

दिल्ली के कई सरकारी दफ्तरों के पानी का कनेक्शन काटा जा सकता है. ऐसा इन दफ्तरों के ऊपर कई करोड़ रुपए के पानी के बिल का बकाया होने की वजह से किया जा सकता है. बकाया राशि के भुगतान नहीं होने की वजह से दिल्ली जल बोर्ड परेशान है और वह सख्त कार्रवाई के मूड में है.

दिल्ली जल बोर्ड ने कहा कि 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया नहीं चुकाने पर सरकारी दफ्तरों को की जा रही पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी. यह भी एक दिलचस्प तथ्य है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद दिल्ली जल बोर्ड के प्रमुख हैं. ऐसे में जल बोर्ड का बयान सामने आते ही इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है. बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि बकाएदारों को नोटिस भेजने की योजना बनाई जा रही है.

जानकारी के मुताबिक सात विभिन्न सरकारी विभागों पर कुल 3,220.12 करोड़ रुपए का बकाया है. जल बोर्ड के इस अधिकारी ने बताया कि भारतीय रेलवे पर कुल मिलाकर 1,577.32 करोड़ रुपए का बकाया है. इसके अलावा तीन नगर निगमों पर कुल मिलाकर 1,100.26 करोड़ रुपए का बकाया है. दिल्ली पुलिस पर 284 करोड़ और डीडीए पर तकरीबन 72 करोड़ रुपए का बकाया है. जल बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि मूल बकाया 737.77 करोड़ रुपए है. वर्षों से भुगतान नहीं करने के चलते यह रकम तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का हो चुका है.

इस मुद्दे पर केंद्र बनाम राज्य सरकार की राजनीति इसलिए भी गरमा सकती है क्योंकि जिन भी सरकारी विभागों पर यह बकाया है, वह दिल्ली सरकार के अधीन नहीं हैं. ये या तो स्वायत्त हैं या केंद्र सरकार के अधीन हैं. दिल्ली पुलिस और रेलवे केंद्र सरकार के अधीन हैं. जबकि दिल्ली नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा है.

गरमा सकती है केंद्र बनाम दिल्ली सरकार की राजनीति

जनसत्ता में छपी खबर के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि इनमें से कई विभागों ने तो कई वर्षों से बकाए का भुगतान नहीं किया है. लेट फीस लगाने पर यह राशि लगातार बढ़ती जा रही है. जल बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभागों द्वारा बकाए का भुगतान नहीं करने की स्थिति में पानी का कनेक्शन काटा जा सकता है. इनमें दिल्ली पुलिस और दिल्ली विकास प्राधिकरण जैसे विभाग शामिल हैं.

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पानी बिल का भुगतान समय पर किया जा रहा है. जिस बकाए राशि की बात की जा रही है वह कुछ वर्ष पहले की है. उन्होंने जल बोर्ड के कदम को राजनीति से प्रेरित बताया है. इस अधिकारी ने आरोप लगाया कि जल बोर्ड सोशल सेक्टर से जुड़े प्रतिष्ठानों से भी कमर्शियल दरों पर शुल्क ले रहा है. उन्होंने इस बाबत हिंदू राव अस्पताल का उदाहरण दिया.

निगम अधिकारी ने भुगतान न होने की दिशा में इसे बड़े कारणों में से एक बताया है. उन्होंने बताया कि इसका हल निकाला जा रहा है. जल बोर्ड के अधिकारी ने इसमें किसी भी तरह की राजनीति होने से इंकार किया है.

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