S M L

हाई कोर्ट का दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश, DUSU चुनाव में इस्तेमाल EVM को सुरक्षित रखें

अदालत ने यह निर्देश कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के तीन उम्मीदवारों की याचिका पर दिया

Updated On: Sep 17, 2018 10:27 PM IST

Bhasha

0
हाई कोर्ट का दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश, DUSU चुनाव में इस्तेमाल EVM को सुरक्षित रखें

सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि वह छात्र संघ चुनाव में इस्तेमाल इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को सुरक्षित रखे. अदालत ने यह निर्देश कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के तीन उम्मीदवारों की याचिका पर दिया. इन लोगों ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के परिणामों को चुनौती दी है.

जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल ने विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी से यह भी कहा कि ईवीएम के अतिरिक्त पेपर ट्रेल और अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखें. अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, चुनाव आयोग और हालिया चुनाव में जीतने वाले एबीवीपी के तीन उम्मीदवारों से भी जवाब मांगा.

जज ने कहा, ‘डूसू का चुनाव कराने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी को निर्देश दिया जाता है कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि चुनाव कराने और मतगणना के लिए इस्तेमाल ईवीएम और सभी पेपर ट्रेल और दस्तावेजों को सुरक्षित रखें.’ अदालत ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के काम करने पर रोक लगाने के लिए याचिकाकर्ताओं के वकील के मौखिक अनुरोध को मंजूर करने से मना कर दिया.

ईवीएम से छेड़छाड़ का लगाया आरोप

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 29 अक्टूबर को निर्धारित कर दी है. एनएसयूआई के तीन उम्मीदवारों सनी छिल्लर, मीना और सौरभ यादव ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर इस आधार पर चुनाव नतीजों को चुनौती दी कि वोटिंग मशीनों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई.

याचिका में मांग की गई कि डूसू चुनाव में इस्तेमाल ईवीएम को सुरक्षित रखा जाए ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि वे गायब नहीं हों. एनएसयूआई उम्मीदवारों की तरफ से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी ने दावा किया कि 12 ईवीएम में से सात ईवीएम गायब हैं.

याचिका में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. साथ ही सवाल उठाया गया है कि निजी तौर पर खरीदी गई ईवीएम का इस्तेमाल 12 सितंबर को हुए डूसू चुनावों में कैसे किया गया. सुनवाई के दौरान केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से उपस्थित वकील अनिल सोनी ने कहा कि उसी ईवीएम का 2009, 2011, 2012 और 2017 के डूसू चुनाव में भी इस्तेमाल किया गया लेकिन तब एनएसयूआई ने उस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी.

निजी तौर पर खरीदी गई ईवीएम

उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने एबीवीपी उम्मीदवारों ने जिन तीन सीटों पर जीत हासिल की है. उसके नतीजे चुनौती दी है और एनएसयूआई को जिस एक सीट पर जीत मिली है उसके परिणाम को चुनौती नहीं दी है. गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पिछले गुरुवार को कहा था कि डूसू चुनाव में इस्तेमाल ईवीएम चुनाव आयोग ने नहीं दिए थे और संभवत: उसे निजी तौर पर खरीदा गया.

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के 13 सितंबर को घोषित परिणाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) को अध्यक्ष सहित चार में से कुल तीन सीटों पर जीत मिली थी. वहीं, कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन एनएसयूआई को सिर्फ एक सीट मिली.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi