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CBI स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर गिरफ्तारी की तलवार, नहीं रद्द होगी FIR

राकेश अस्थाना और देवेंद्र कुमार ने रिश्वतखोरी के आरोपों में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी

Updated On: Jan 11, 2019 03:42 PM IST

FP Staff

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CBI स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर गिरफ्तारी की तलवार, नहीं रद्द होगी FIR

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया. जिसके बाद अब राकेश अस्थाना पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. रिश्वतखोरी के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.

दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और देवेंद्र कुमार ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की याचिका डाली थी. आज हाईकोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी. अब राकेश अस्थाना और देवेंद्र कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द नहीं होगा.

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इसमें कोई संदेह नहीं कि लोक सेवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना उसके  लिए बहुत काफी चिंताजनक और तनावपूर्ण होगा. एफआईआर के तहत लगाए गए आरोप जांच का विषय है. यह महत्वपूर्ण है कि कानून दोषी साबित होने तक किसी भी व्यक्ति को निर्दोष नहीं मानती.

सीबीआई 10 हफ्तों के भीतर ही राकेश अस्थाना और देवेंद्र कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच पूरी कर लेगी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया, लेकिन सीबीआई से 2 सप्ताह तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है.

क्या है पूरा मामला?

न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने 20 दिसंबर 2018 को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने कहा था कि अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करते समय सभी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किया गया था. शिकायतकर्ता हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना ने आरोप लगाया था कि उसने एक मामले में राहत पाने के लिए रिश्वत दी थी. सना ने अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार, जबरन वसूली, मनमानापन और गंभीर कदाचार के आरोप लगाए थे. सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

सीबीआई ने 15 अक्टूबर 2018 को अस्थाना के खिलाफ FIR दर्ज करके उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. कारोबारी सतीश बाबू सना की शिकायत के आधार पर आरोप लगे हैं. सना से मोइन कुरैशी मामले की जांच कर रही अस्थाना की विशेष टीम ने पूछताछ की थी. कारोबारी ने आरोप लगाया था कि दुबई के एक बिचौलिये ने विशेष निदेशक से उसके कथित संबंधों की मदद से दो करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले उनके लिए राहत का प्रस्ताव रखा था.

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