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डोर स्टेप डिलीवरी: दिल्ली के रिस्पॉन्स के आगे सरकार की फोन लाइनें कम पड़ गईं

लॉन्च के पहले दिन, कोशिश की गई 21,000 कॉल कनेक्ट नहीं हुईं क्योंकि ऑपरेटर और फोन लाइनों की संख्या पर्याप्त नहीं थी

Updated On: Sep 15, 2018 09:43 AM IST

Kangkan Acharyya

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डोर स्टेप डिलीवरी: दिल्ली के रिस्पॉन्स के आगे सरकार की फोन लाइनें कम पड़ गईं

दिल्ली सरकार ने अपनी बहुप्रचारित 'डोर स्टेप डिलीवरी सर्विस' की परिचालन क्षमता को चार गुना बढ़ा दिया है. लेकिन तीसरे दिन भी लोगों की जबर्दस्त प्रतिक्रिया के कारण, इतनी कॉल्स आ रही हैं, कि सभी का जवाब दे पाना मुश्किल हो रहा है.

दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक बयान में इस योजना पर नागरिकों से मिलने वाली प्रतिक्रिया के बारे में बताया गया है, 'लॉन्च के तीसरे दिन 21,000 से अधिक कॉल आईं. पहले दिन की तुलना में बैक-एंड सिस्टम, फोन लाइनों और ऑपरेटरों की संख्या में कई गुना बढ़ोत्तरी के चलते, तीसरे दिन कोई कॉल फेल नहीं रही, हालांकि सभी का जवाब नहीं दिया जा सका क्योंकि उनमें से कई वेटिंग पर थे. अनुत्तरित कॉल्स का भी कॉलबैक कर जवाब दिया जा रहा है.'

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कॉलसेंटर में आई 21,000 से अधिक कॉल्स में से केवल 3,517 कॉल्स का जवाब दिया जा सका.

दिल्ली सरकार के एक सूत्र ने समझाया कि कार्यक्रम लॉन्च के दिन कॉलसेंटर में ऑपरेटरों की संख्या 40 थी. जिसे बढ़ाकर 150 कर दिया गया है और फोन लाइनों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है. जिससे कॉल मिलने वाले लोगों की संख्या में भारी इजाफा हुआ.

पहले दिन कनेक्ट होने वाली कॉल्स सिर्फ 2,728:

इस योजना के लॉन्च के पहले दिन, कनेक्ट होने वाली कॉल्स की संख्या केवल 2,728 थी. दूसरे दिन 11,055 हो गई और तीसरे दिन संख्या 21,000 को पार कर गई. उत्तर दी जाने वाली कॉल्स की संख्या में तेज बढ़ोत्तरी हुई है. पहले दिन यह सिर्फ 1,286 थी. दूसरे दिन 3,472 और तीसरे दिन 3,517 हो गई.

Arvind Kejriwal at P Chidambaram residence

उपमुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अरुणोदय प्रकाश बताते हैं, 'वे लोग जो भारी कॉल ट्रैफिक के कारण डोर स्टेप डिलीवरी की सेवा पाने में नाकाम रहे हैं, उन्हें कॉलबैक किया जा रहा है. इन नागरिकों को कॉलबैक करने के लिए कॉल सेंटर में एक अलग डेस्क बनाई गई है.' उन्होंने यह भी बताया कि इस डेस्क द्वारा तीसरे दिन शाम 5 बजे तक 4,200 लोगों को कॉल बैक किया गया था.

उन्होंने कहा, 'जरूरी हुआ तो ज्यादा कॉल्स को समायोजित करने के लिए अधिक फोन लाइन और ऑपरेटरों को लगाया जाएगा. लेकिन वेटिंग कॉल्स में कई कॉल्स एक ही कॉलर द्वारा किए जाने का मामला लगता है.'

दिलचस्प है कि लॉन्च के पहले दिन, कोशिश की गई 21,000 कॉल कनेक्ट नहीं हुईं. क्योंकि ऑपरेटर और फोन लाइनों की संख्या पर्याप्त नहीं थी. लेकिन जब इन नागरिकों को कॉल बैक किया गया, तो कॉल की वास्तविक संख्या (यूनिक नंबर) केवल 4,200 ही निकली.

'हम वर्तमान में ऐसे संभावित कॉलर की अनुमानित संख्या का आकलन कर रहे हैं, जितनी कॉल हमें हर रोज आने वाली हैं. एक बार यह मसला हल हो जाने के बाद योजना को संचालित करने के लिए आवश्यक मैनपावर का अनुमान लगाया जा सकेगा.'

तीन दिनों में 34,839 कॉल्स कनेक्ट हुई:

बीते तीन दिनों में लगभग 34,839 कॉल्स कनेक्ट हुई, जिनमें से 8,275 कॉल्स का सीधे उत्तर दिया गया था और 4,200 लोगों को एसएमएस भेजने के अलावा कॉल बैक किया गया, जबकि 18,913 कॉल का जवाब नहीं दिया जा सका. पिछले तीन दिनों में डोर स्टेप डिलीवरी टीम ने 223 घरों का दौरा किया है और नागरिकों व सरकारी अधिकारियों के बीच 2,187 अप्वाइंटमेंट तय की गईं हैं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को नागरिकों को अपने घर के दरवाजे पर सरकारी सेवाएं प्रदान करने की इस सबसे शानदार योजना की शुरुआत की थी. योजना के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'आज हम 40 सेवाओं के साथ शुरुआत कर रहे हैं और दिल्ली सरकार जल्द ही इसमें 30 सेवाएं और जोड़ देगी और अगले तीन महीनों के भीतर नागरिकों के घर पर दी जाने वाली सेवाओं की संख्या 100 कर दी जाएगी.' दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि वह इस कोशिश से पैसों के लिए सरकारी सेवाओं में हेर-फेर करने वाले मध्यवर्तियों के गठजोड़ को तोड़ देगी.

'हमें कई बार सरकारी सेवाओं में गड़बड़ी के बारे में सूचित किया जाता है. भ्रष्टाचार वर्तमान सरकार के सामने बहुत बड़ी चुनौती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अरुणोदय प्रकाश ने कहा, 'सरकारी सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी इस समस्या का हल है.'

महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सख्त आदेश जारी किए हैं कि संबंधित विभाग के प्रभारी मंत्री की मंजूरी के बिना नागरिकों द्वारा सेवा के लिए किया गया कोई भी अनुरोध खारिज नहीं किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा, 'अगर इस स्कीम के तहत किसी भी अनुरोध/आवेदन में देरी होती है, तो इसे जन-समर्थक स्कीम में भ्रष्टाचार के लिए हेराफेरी करने का प्रयास माना जाएगा.'

इस योजना के तहत आने वाली सेवाएं:

1. जाति प्रमाणपत्र जारी करना (ओबीसी)

2. जाति प्रमाण पत्र जारी करना (एससी)

3. डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करना (एसटी)

4. स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करना

5. आय प्रमाण पत्र जारी करना

6. विलंबित जन्म आदेश जारी करना

7. लाल डोरा सर्टिफिकेट जारी करना

8. लैंड स्टेटस रिपोर्ट जारी करना

9. दिव्यांग व्यक्ति को स्थायी आईडी कार्ड जारी करना

10. राजस्व पर रिटर्न जारी करना

11. सॉल्वेंसी प्रमाणपत्र जारी करना

12. जीवित सदस्य प्रमाण पत्र जारी करना

13. विवाह का पंजीकरण

14. सिविल डिफेंस वालंटियर के रूप में नामांकन

15. वाहन का डुप्लिकेट रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र

16. वाहन के रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र के पते में परिवर्तन

17. वाहन के स्वामित्व का हस्तांतरण

18. गिरवी रखना

19. गिरवी समाप्ति

20. वाहनों की एनओसी जारी करना

21. लर्नर लाइसेंस

22. परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस

23. डुप्लिकेट ड्राइविंग लाइसेंस

24. डी/एल में पते में परिवर्तन

25. दिल्ली फैमिली बेनिफिट स्कीम

26. दिव्यांगता पेंशन योजना

27. वृद्धावस्था पेंशन योजना

28. प्रिआरिटी हाउसहोल्ड कार्ड जारी करना

29. एएवाई/ प्रिआरिटी हाउसहोल्ड कार्ड में सदस्यों का विवरण अपडेट करना

30. नया पानी/सीवर कनेक्शन

31. दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े म्यूटेशन

32. दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित रिओपनिंग (घर के पुनर्निर्माण के बाद)

33. दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित डिसकनेक्शन

34. पैसेंजर लिफ्ट, लिफ्ट शॉफ्ट और मशीन रूम की स्थापना की मंजूरी

35. दिल्ली शॉप्स एंड इस्टेब्लिशमेंट एक्ट, 1954 के तहत सेवाएं

36. एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक श्रेणी के वास्ते स्टेशनरी की खरीद के लिए वित्तीय सहायता

37. एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यकों (कक्षा एक से बारह के लिए) और ओबीसी (कक्षा छह से बारह) के लिए के लिए स्कॉलरशिप/मेरिट स्कॉलरशिप

38. एससी/एसटी/ओबीसी/ अल्पसंख्यक श्रेणी के छात्रों के लिए ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति

39. देरी से मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी करना

40. ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण.

योजना के तहत सेवाओं का लाभ उठाने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया प्रक्रिया.

1. आवेदक पहले फोन नंबर 1076 पर कॉल करेगा

2. कॉल सेंटर आवेदक को उपलब्ध सेवाओं के बारे में सूचना देगा

3. आवेदक को किसी खास प्रमाणपत्र के लिए जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताया जाएगा

4. आवेदक सुबह 8 से रात 10 बजे के बीच किसी भी समय अप्वाइंटमेंट तय कर सकता है

5. एक मोबाइल सहायक निर्धारित समय पर आवेदक के घर जाएगा

6. मोबाइल सहायक पुलिस द्वारा सत्यापित किए हुए होंगे और उनके पास आवेदक के डाक पते के अलावा कोई विवरण नहीं होगा

7. मोबाइल सहायक आवेदक की मौजूदगी में संबंधित दस्तावेजों को स्कैन करेगा और सेवा के लिए भुगतान की गई फीस (50 रुपये) की ई-रसीद देगा

8. आवेदन भरने के बाद इसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से संबंधित सरकारी विभाग में स्थानांतरित कर दिया जाएगा

प्रत्येक चरण में- अनुरोध उत्पन्न होने से प्रमाण पत्र की डिलीवरी तक आवेदक को एक एसएमएस मिलेगा

10· प्रमाण पत्र की डिलीवरी तय समय-सीमा के भीतर या तो डाक से या मोबाइल सहायक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी

जहां जरुरी होगा वहां विभाग में जाना होगा:

हालांकि इस योजना का मकसद सरकारी सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करना है, लेकिन जहां भी जरूरी होगा आवेदक को संबंधित विभाग के संबंधित कार्यालय में जाना होगा.

अरुणोदय प्रकाश के अनुसार, 'उदाहरण के लिए नया ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के मामले में एक अनिवार्य परीक्षण है कि आवेदक वाहन चला सकता है या नहीं. इस प्रक्रिया की उपेक्षा नहीं की जा सकती है. परीक्षा में हाजिर होने के लिए आवेदक विभाग के संबंधित अधिकारी से अप्वाइंटमेंट हासिल करेगा. इसी तरह विवाह के मामले में, दंपती को शर्तों के अनुसार मजिस्ट्रेट के दफ्तर जाना होगा. यहां भी अप्वाइंटमेंट सिस्टम द्वारा ही तय की जाएगी.'

वह यह भी कहते हैं कि इस योजना पर दिल्ली सरकार का सालाना 12 करोड़ रुपये खर्च होगा है जो वीएफएस ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान किया जाना है. यही कंपनी कॉल सेंटर सेवा और मोबाइल सहायक सेवा प्रदान कर रही है.

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