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INX मीडिया केस: कार्ति के सीए को मिली जमानत

इस बीच मंगलवार को कार्ति चिदंबरम की जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई जवाब मांगा

FP Staff Updated On: Mar 13, 2018 06:56 PM IST

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INX मीडिया केस: कार्ति के सीए को मिली जमानत

आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्ली के एक कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट एस भास्करन को जमानत पर रिहा कर दिया है. कोर्ट ने 2 लाख की बेल राशि पर भास्करन को रिहा किया है. रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई की हिरासत में चल रहे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सोमवार को फिर से कोर्ट में पेश किया गया.

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के बाद उन्हें 12 दिन की न्यायिक हिरासत में 24 मार्च तक के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. साथ ही उन्हें कोई विशेष सुरक्षा नहीं दी जाएगी.

सीबीआई ने कार्ति की रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की थी लेकिन उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत भेजने की मांग कोर्ट से की. जिसके बाद कार्ति चिदंबरम के वकील ने कोर्ट से कार्ति को तुरंत जमानत देने की मांग की. लेकिन, उन्हें जमानत नहीं मिली.

16 मार्च तक सीबीआई दे जवाब

इस बीच मंगलवार को कार्ति चिदंबरम की जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई जवाब मांगा. न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने सीबीआई से कहा कि वह 16 मार्च से पहले स्थिति रिपोर्ट पेश करे. सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि मामला विचारयोग्य नहीं है. सुनवाई के दौरान कार्ति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने हाई कोर्ट को सूचित किया कि वह निचली अदालत से अपनी जमानत याचिका वापस ले लेंगे.

इससे पहले, यह मामला मंगलवार को सुबह न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर के समक्ष सूचीबद्ध था लेकिन उन्होंने इसकी सुनवाई से खुद को अलग कर लिया और कहा कि इस मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जा रहा है ताकि जमानत याचिका को मंगलवार को ही किसी अन्य पीठ को सौंप दें.

यह जमानत याचिका सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष लाई गई थी और मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई थी.

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्तिको सीबीआई अदालत द्वारा सोमवार को 24 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिए जाने के कुछ समय बाद ही उसने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. कार्ति के अभिभावक पी चिदंबरम और नलिनी चिदंबरम दोनों ही वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. वे अदालत कक्ष में मौजूद थे.

चेन्नई में 28 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद से कार्ति 12 दिन से सीबीआई की हिरासत में थे, एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही थी. सीबीआई ने अदालत से कहा कि कार्ति को हिरासत में रखकर पूछताछ करने की अब जरूरत नहीं है. इसके बाद अदालत ने उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया था. अदालत ने कहा था कि उनकी जमानत याचिका परपहले से ही निर्धारित तारीख 15 मार्च को सुनवाई होगी.

कार्ति के ब्रिटेन से लौटने के बाद सीबीआई ने उन्हें उस प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार कर लिया था जो पिछले वर्ष 15 मई को दर्ज की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि मीडिया हाउस आईएनएक्स मीडिया को विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपए का धन प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने में अनियमितताएं हुई है. मामला वर्ष 2007 का है जब कार्ति के पिता केंद्रीय वित्त मंत्री थे.

शुरुआत में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आईएनएक्स मीडिया के लिए एफआईपीबी मंजूरी देने के लिए कार्ति चिदंबरम को 10 लाख रुपए की रिश्वत दी गई लेकिन बाद में आंकड़े को बदलकर कहा गया कि दस लाख अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दी गई जो वर्तमान विनिमय दर के हिसाब से 6.50 करोड़ रुपए और वर्ष 2007 की दर के हिसाब से 4.50 करोड़ रुपए है.

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