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JNU देशद्रोह मामले में दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल

पुलिस ने आरोपपत्र दायर करने के लिए तीन साल का समय लिया और फिर बिना इजाजत चुनाव से पूर्व इसे दायर कर दिया, चुनाव से पूर्व पुलिस का यह कदम कई सवाल खड़े करता है

Updated On: Feb 07, 2019 01:56 PM IST

FP Staff

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JNU देशद्रोह मामले में दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल

जेएनयू देशद्रोह मामले में दिल्ली पुलिस के रवैये की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि मामले का अध्ययन किया जा रहा है. पुलिस ने आरोपपत्र दायर करने के लिए तीन साल का समय लिया और फिर बिना इजाजत चुनाव से पूर्व इसे दायर कर दिया. दिल्ली पुलिस का यह कदम कई सवाल खड़े करता है. बता दें कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस को चार्जशीट पेश करने की इजाजत अभी तक नहीं दी है.

कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पुलिस से कहा कि वो वो संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द मंजूरी देने को कहें.

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मंजूरी दिल्ली सरकार की ओर से लंबित है और कुछ ही दिनों में हासिल कर ली जाएगी. इस पर कोर्ट ने कहा, 'अधिकारी लंबे समय तक फाइल अटकाकर नहीं रख सकते.' कोर्ट ने इससे पहले दिल्ली पुलिस से इजाजत हासिल किए बिना कुमार और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दायर करने को लेकर सवाल किए थे और उन्हें छह फरवरी तक का समय दिया था.

पुलिस ने 14 जनवरी को कुमार और जेएनयू के पूर्व छात्रों- उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के खिलाफ शहर की एक अदालत में आरोप-पत्र दायर किया था. इसमें कहा गया था कि कुमार ने संसद पर हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर विश्वविद्यालय में नौ फरवरी 2016 को रखे गए एक कार्यक्रम के दौरान सभा की अगुवाई की थी और उसने देश विरोधी नारेबाजी का समर्थन किया था.

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