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'2019 में नई सरकार के लिए ईसाई करें प्रार्थना', आर्कबिशप ने कहा-लेटर का मोदी से लेना देना नहीं

बिशप का कहना है कि देश में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखते हुए हमने अगले चुनाव और नई सरकार के लिए प्रार्थना किया है

Updated On: May 22, 2018 03:06 PM IST

FP Staff

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'2019 में नई सरकार के लिए ईसाई करें प्रार्थना', आर्कबिशप ने कहा-लेटर का मोदी से लेना देना नहीं

दिल्ली के आर्कबिशप की चिट्ठी सामने आने के बाद एक नया विवाद शुरू हो गया है. यह चिट्ठी आर्कबिशप अनिल काउटो ने देश के तमाम पादरियों को लिखी है. उन्होंने इसमें पादरियों से दुआ करने का आग्रह किया है ताकि नरेंद्र मोदी की सरकार दोबारा न बन पाए. इसी के साथ उन्होंने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अशांत बताया है.

इस चिट्ठी के बाद अब प्रतिकियाओं का दौर भी शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि 'मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाऊंगा जिससे सांप्रदाय़िक सद्भाव को नुकसान हो. लेकिन अगर चर्च लोगों से मोदी की सरकार नहीं बनने के लिए दुआ करने के लिए कहते हैं तो देश को सोचना पड़ेगा कि दूसरे धर्म के लोग कीर्तन पूजा करें.'

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि मैंने वो चिट्ठी नहीं देखी है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भारत उन देशों में से हैं जहां अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित रहते हैं. जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव करने का हक किसी को भी नहीं है.

इससे पहले आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने चिट्ठी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ये प्रार्थना नहीं कर रहे हैं बल्कि ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि ये देश बहुसंख्यकों का है, अल्पसंख्यकों का नहीं. वो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर वोटरों को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये प्रार्थन नहीं बल्कि दुष्प्रचार है जिसे सीधे वेटिकन से कंट्रोल किया जा रहा है.

चिट्ठी में क्या लिखा था?

आर्कबिशप ने चिट्ठी में पादरियों को संबोधित करते हुए लिखा कि हम अशांत राजनीतिक माहौल में जी रहे हैं. लोकतांत्रिक सिद्धांत और धर्मनिरपेक्ष ताना बाना खतरे में है. देश और राजनेताओं के लिए प्रार्थना करना हमारी परंपरा है. आम चुनाव आने वाले हैं ऐसे में और भी जरूरी हो जाता है. बिशप ने कहा कि ईसाई समुदाय विशेष कर शुक्रवार को देश के लिए प्रार्थना करें. खबरों के मुताबिक बिशप ने पादरियों से अगले साल होने वाले आम चुनावों के लिए प्रार्थना करने के साथ-साथ उपवास रखने के लिए भी कहा है. बिशप अनिल काउट ने कहा कि हम लोग 2019 की ओर बढ़ रहे हैं और इसी साल हमें नई सरकार मिलेगी. ऐसे में 13 मई से हम सभी को प्रार्थना शुरू करनी चाहिए.

दिल्ली के आर्कबिशप काउटो ने कहा, 'सभी चर्च और संस्थानों में हम प्रार्थना करते हैं. हम अपने देश के लिए प्रार्थना करते हैं. देश में जो कुछ भी हो रहा है उसे देखते हुए हमने अगले चुनाव और नई सरकार के बारे में कहा था. हर सरकार को लोगों और संविधान को बचाना चाहिए.'

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