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दिल्ली: सरकारी स्कूल की 43 छात्राओं ने लगाया शिक्षक पर उत्पीड़न के आरोप

शिकायत करने वाली छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर मुद्दे को दबाने की कोशिश हुई तो नहीं आएंगी स्कूल

Updated On: Nov 04, 2018 03:38 PM IST

FP Staff

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दिल्ली: सरकारी स्कूल की 43 छात्राओं ने लगाया शिक्षक पर उत्पीड़न के आरोप
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एक ऐसे समय में जब दिल्ली सकार की एजुकेशन डिपार्टमेंट हर स्कूल में यौन उत्पीड़न औ शोषण को लेकर वर्कशॉप और सेमिनार करवा रही है, वहीं दिल्ली के एक सरकारी स्कूल की 43 छात्राओं ने एक शिक्षक के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत की है. कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं की इन छात्राओं ने शिकायत पत्र में हस्ताक्षर कर के स्कूल के प्रिंसिपल को यह पत्र सौंपा है. शिकायत पत्र में छात्राओं ने शिक्षक पर गलत नजरिए से देखने और आपत्तिजनक सवाल पूछने का आरोप लगाया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खब अनुसार   छात्राओं क कहना है कि इस मुद्दे को उठाना जरूरी है क्योंकि यह आने वाले नए छात्राओं के भविष्य का सवाल है. यह शिक्षक छात्राओं को बहुत ही अजीब तरीके से देखा करता था. उसने कई छात्राओं से आपत्तिजनक सवाल भी पूछे, जिसका जवाब हमारे पास नहीं होता था. जब हमने ये बात उनके सामने रखी, तो उन्होंने कहा कि वह हमारा दिमाग टेस्ट कर रहे हैं. यह दिमाग टेस्ट करने का कोई तरीका नहीं हो सकता. हम नहीं चाहते कि हमरा कोई शिक्षक दिमाग टेस्ट करने के नाम पर हमसे आपत्तिजनक सवाल पूछे.

छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर मुद्दे को दबाने की कोशिश हुई तो नहीं आएंगी स्कूल

हमारे लिए यह जरूरी था कि हम यह मुद्दा अभी उठाएं ताकि कल को हमरे जूनियर्स को इन सब से ना गुजरना पड़े. स्कूल ने शिकायत की बात पर हामी भरते हुए कहा कि प्रशासन को यह शिकायत पत्र 31 अक्टूबर को मिला था. स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि हमने मामले की जांच भी करवा ली है, और रिपोर्ट एजुकेशन ऑफिस को जमा भी करा दिया है.

हालांकि उन्होंने यह बताने से इंकार कर दिया कि शिक्षक के ऊपर लगे आरोप सिद्ध हुए हैं या नहीं. उनका कहना है कि यह कोई यौन उत्पीड़न का केस नहीं है इसलिए स्कूल ने कोई पुलिस कंप्लेन नहीं करवाई.

वहीं स्कूल की छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर स्कूल इस मुद्दे को दबाना चाहेगी तो सभी छात्राएं क्लास करना बंद कर देंगीं. छात्राओं ने कहा, हम नहीं चाहते कि हमारा स्कूल बदनाम हो इसलिए तो ये बातें हमने अपने मां-बाप को भी नहीं बताया था. लेकिन अगर स्कूल हमारी बात नहीं सुनता है तो हम अपने मां-बाप को ये सारी बात बताने के लिए विवश हो जाएंगे.

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