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देहरादून रेप केस: बोर्डिंग स्कूल के अधिकारियों ने मामले पर डालना चाहा था पर्दा !

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जिले में एक निजी बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्रा से कथित तौर पर चार छात्रों के जरिए सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया था.

Updated On: Sep 20, 2018 07:04 PM IST

FP Staff

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देहरादून रेप केस: बोर्डिंग स्कूल के अधिकारियों ने मामले पर डालना चाहा था पर्दा !

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जिले के सहसपुर क्षेत्र में एक निजी आवासीय (बोर्डिंग) विद्यालय परिसर में नाबालिग छात्रा से कथित तौर पर चार छात्रों के जरिए सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया. जिसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी छात्रों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं इस मामले में स्कूल प्रशासन के जरिए पर्दा डालने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है.

अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक स्कूल प्रशासन की ओर से इस मामले को दबाने की कोशिश की गई. इस मामले में उत्तराखंड बाल आयोग की सदस्य सीमा डोरा, जिन्होंने पीड़ित छात्रा से बात की थी, ने अखबार को बताया ‘पीड़ित छात्रा एक ही बात को दोहराई जा रही थी कि उसे अपना साल खराब नहीं करना है. रेप और स्कूल प्रशासन के रवैये से वह बुरी तरह सदमे में थी.'

काढ़ा पिलाया

रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित छात्रा को जब पीरिअड्स नहीं आए तो उसने इस मामले में अपनी सहेलियों से भी जानकारी ली थी कि क्या पीरिअड्स न आने का कारण प्रेग्नेंसी तो नहीं. इसके बाद होस्टल वॉर्डन को भी पीड़ित छात्रा ने इस बारे में जानकारी दी. जिसके बाद गर्भ न ठहरने के लिए वॉर्डन ने उसे घर का बना काढ़ा भी कई बार पिलाया.

इस मामले में देहरादून बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष कविता शर्मा ने बताया 'पीड़ित छात्रा ने खुद बताया है कि उसने घटना की जानकारी अपनी सहेलियों और स्कूल के कुछ अधिकारियों को दी थी लेकिन स्कूल की छवि खराब हो जाने के डर से उसे चुप करा दिया गया.' हालांकि पुलिस ने चार छात्रों के अलावा अब स्कूल प्रशासन के पांच सदस्यों को हिरासत में ले लिया है जिनमें निदेशक, प्रिंसिपल, प्रशासनिक अधिकारी, उसकी पत्नी, हॉस्टल वॉर्डन शामिल है.

दरअसल, 14 अगस्त को हुई इस घटना की जानकारी के बारे में उसी बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने वाली उसकी बड़ी बहन ने छात्रावास की वॉर्डन से लेकर स्कूल प्रबंधन के अधिकारियों तक को बताया. लेकिन सभी ने उसे मुंह बंद रखने को कहा और इसकी शिकायत करने पर स्कूल से निकाल देने की धमकी तक दी. वहीं कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर स्कूल प्रबंधन उसे एक निजी अस्पताल ले गया, जहां उसके गर्भवती होने का पता चला. आरोप तो यह भी है कि प्रबंधन ने छात्रा का गर्भपात कराने का भी प्रयास किया लेकिन इसी बीच पीड़िता की बहन ने देहरादून में रह रहे अपने एक रिश्तेदार को जानकारी दे दी.

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