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रक्षा मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे 6 कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

मंत्रालय ने भष्टाचार या धोखाधड़ी का आरोप झेल रहे 14 फर्म और कंपनियों को भी सौदों से सस्पेंड कर दिया है

Updated On: Feb 20, 2018 05:32 PM IST

FP Staff

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रक्षा मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे 6 कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

रक्षा मंत्रालय ने अपराधिक या धोखाधड़ी के आरोप झेल रही कंपनियों के साथ अपना सौदा खत्म या उसे सस्पेंड कर दिया है. मंत्रालय ने सोमवार को एक सर्कुलर (नोटिस) जारी कर ऐसी सभी कंपनियों की सूची जारी की.

मंत्रालय की तरफ से जिन 6 फर्म पर रोक लगाई गई है उनमें दो भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं जिनके नाम... टीएस किसान एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और आरके मशीन टूल्स लिमिटेड हैं. बाकी के 4 फर्मों के नाम सिंगापुर टेक्नोलॉजी काइनेटिक्स लिमिटेड, इजरायल मिलिट्री इंडस्ट्रीज लिमिटेड, ज्यूरिख की रेनमेटल एयर डिफेंस और कॉर्पोरेशन डिफेंस इन रशिया हैं.

रक्षा मंत्रालय के सर्कुलर में कहा गया कि 2022 तक इन सभी के साथ किसी तरह का कोई लेनदेन नहीं होगा.

इसके अलावा, मंत्रालय ने 14 फर्म को भी सौदों से सस्पेंड कर दिया है. इनमें ब्रिटेन में अगूस्टा वेस्टलैंड इंटरनेशल लिमिटेड और लियोनार्डो एसपीए (पूर्व में फिनमेक्कानिका) के नाम भी शामिल हैं, इन दोनों पर बहुचर्चित 3600 करोड़ रुपए के हेलीकॉप्टर सौदे का आरोप है.

1 जनवरी, 2014 को, भारत ने फिनमेक्कानिका की ब्रिटिश ईकाई से 12 वीवीआईपी एडब्लू-102 हेलीकॉप्टर सौदे के अपने करार को कॉन्ट्रैक्ट उल्लंघन और 423 करोड़ की कथित रिश्वतखोरी के बाद खत्म कर लिया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार इस वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में शामिल कुछ अन्य फर्म जिन्हें रक्षा मंत्रालय ने सस्पेंड कर दिया है उनके नाम हैं- आईडीएस (ट्यूनीशिया), इंफोटेक डिजाइन सिस्टम (मॉरीशस), आईडीएस इंफोटेक (मोहाली) और एयरमैट्रीक्स इंफो सोल्यूशन (चंडीगढ़).

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2005 नेवल वॉर रूम लीक केस में शामिल शैंक्स ऑसेनियरिंग, इंटर स्पीरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एक्सपर्ट सिस्टमस, यूनिटेक एंटरप्राइजेज, केल्विन इंजीनियरिंग और एटलस ग्रुप ऑफ कंपनियों के नाम भी निलंबित कंपनियों की सूची में शामिल हैं.

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