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पर्रिकर की पाकिस्तान को चेतावनी– 'आंखें निकाल लेंगे'

अगर उकसाया गया तो दुश्मन की आंखें निकाल कर उसके हाथ में रख देंगे

Updated On: Nov 27, 2016 02:44 PM IST

Kinshuk Praval Kinshuk Praval

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पर्रिकर की पाकिस्तान को चेतावनी– 'आंखें निकाल लेंगे'

एलओसी पर लगातार हो रही फायरिंग के बीच पाकिस्तानी आर्मी चीफ और हुक्मरानों की तरफ से धमकियां मिल रही हैं. पाकिस्तान की गीदड़ भभकी का रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने करारा जवाब दिया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता है लेकिन अगर उकसाया गया तो दुश्मन की आंखें निकाल कर उसके हाथ में रख देंगे.

हम लड़ने के लिए बेचैन नहीं रहते हैं, लेकिन अगर कोई हमारे देश पर बुरी नजर डालता है तो हमारी इतनी ताकत है कि हम उसकी आंखें निकाल कर उसके हाथ में रख देंगे.

पर्रिकर शनिवार को गोवा के एल्डोना विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. पर्रिकर ने कहा कि हम पाकिस्तान की फायरिंग का दोगुना जवाब देंगे. हमारी सेना पाकिस्तान को जैसे को तैसा के अंदाज में जवाब दे रही है. पाकिस्तान को भी हमारा संदेश समझ में आ गया है तभी उनकी तरफ से फायरिंग रोक दी गई है.

दरअसल तीन दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तानी गोलीबारी का मुहंतोड़ जवाब दिया था. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 6 रेंजर मार गिराए थे जिनमें एक कैप्टन भी शामिल था. इसके बाद गोलीबारी रोकने के लिये पाकिस्तान के डीजीएमओ ने हॉटलाइन से भारत के डीजीएमओ से गुजारिश की थी. तबसे एलओसी पर फायरिंग रुकी हुई है.

पर्रिकर ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहद ही सख्त रुख अपनाते हुए साफ किया कि भारतीय सेना पूरी तरह से तैयार है.

पाकिस्तान के आर्मी चीफ राहील शरीफ ने हाल ही में बयान दिया था कि अगर पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया तो भारत की कई नस्लें उसे भुला न सकेंगी. राहील शरीफ के बयान के बाद रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को जवाब दिया है.

पर्रिकर ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें सिखाया था कि अगर तुम खरगोश के शिकार के लिये भी जाओ तो किसी बाघ को मारने के लिये तैयार रहो.

गोवा की रैली में पर्रिकर ने लोगों में जोश भरते हुए कहा कि गोवा के लोग दुनिया को बता सकते हैं कि उन्होंने एक ऐसे इंसान को केंद्र में भेजा है जिसने दुश्मन को एक जोरदार तमाचा मारा है.

मनोहर पर्रिकर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते आए हैं. इससे पहले उन्हें परमाणु हथियार के प्रयोग पर भी खुल कर कहा था कि अगर देश को किसी तरह का खतरा हुआ तो वो पहले से तय चीजों के बारे में नहीं सोचेंगे. जाहिर तौर पर भारत की परमाणु बम को लेकर ‘पहले इस्तेमाल न करने’ की नीति को उन्होंने जरुरत पड़ने पर पीछे छोड़ने की बात की थी.हालांकि उन्होंने कहा था कि ये उनके निजी विचार हैं.

वहीं नोटबंदी के बाद उन्होंने कहा था कि कश्मीर में इससे पत्थरबाजी की घटनाओं पर रोक लग गई है .

इससे पहले पर्रिकर ने सर्जिकल स्ट्राइक को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जोड़ते हुए उन्होंने कहा था कि शायद संघ की शिक्षा ही इस कार्रवाई की बुनियाद बनी थी.

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