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उत्सव कम, सरकारी कार्यक्रम ज्यादा लगा दीपोत्सव

बीजेपी की मंशा है कि अयोध्या की चर्चा हर घर में होने लगे. जिससे बीजेपी को राजनीतिक लाभ मिल सके. अयोध्या में 4 से 6 नंवबर तक तीन दिन दिवाली उत्सव का कार्यक्रम चला है. इससे कुछ माहौल तो बना है

Updated On: Nov 07, 2018 10:56 AM IST

Syed Mojiz Imam
स्वतंत्र पत्रकार

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उत्सव कम, सरकारी कार्यक्रम ज्यादा लगा दीपोत्सव
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अयोध्या में योगी सरकार आने के बाद से पिछले दो साल से दीपोत्सव का कार्यक्रम किया जा रहा है. जिसमें कई कार्यक्रम हुए हैं. पूरे अयोध्या का मामला भक्तिमय रहा है. कोरिया की फर्स्ट लेडी किम जॉन सूं बतौर खास मेहमान मौजूद रहीं. योगी सरकार का पूरा अमला लगा रहा कि इस कार्यक्रम की भव्यता में कमी ना आने पाए. सरकारी अफसर -कर्मचारी दिन रात एक किए हुए थे.

सरकार की तरफ से पूरा इंतज़ाम किया गया था. लेकिन पूरा कार्यक्रम सरकारी लग रहा था. जिसमें जनता की भागीदारी कम थी. आम चुनाव से पहले हो रहे प्रोग्राम में बीजेपी के नेता आगे-आगे थे. शायद इस वजह से लोगों की दूरी बनी है.

राम की झांकी:

साकेत महाविद्यालय से राम कथा पार्क तक निकली झांकी बहुत दिलचस्प थी. इसमें 16 विभिन्न झांकियों के साथ राम जानकी की भव्य यात्रा निकाली गयी. यह पूरा प्रोग्राम यूपी के संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित किया गया था. कई राज्यों की झांकी थी. जिनका अपना सांस्कृतिक महत्व है.

इसमें आम पब्लिक की दिलचस्पी ज्यादा नहीं दिखाई दी. हालांकि नज़ारा ऐसा ही था कि जैसे राम अयोध्या लौट रहें हों. कई जगह महिलाएं फूल लेकर रास्ते में खड़ी थी, जो इस काफिले पर फ़ूल बरसा रही थी. इस प्रोग्राम को बीजेपी ने हाईजैक कर लिया था. बीजेपी के अयोध्या के विधायक वेद गुप्ता आगे- आगे चल रहे थे, मानो ये धार्मिक शोभायात्रा ना होकर कोई राजनीतिक कार्यक्रम हो रहा है. और उसका नेतृत्व विधायक जी कर रहे हैं.

सरयू किनारे माहौल:

सबसे भव्य प्रोग्राम सरयू किनारे आयोजित किया गया. जिसमें अवध यूनिवर्सिटी ने पूरा दमखम लगाया था. इसमें सभी संबध कॉलेजों को दीप जलाने का टार्गेट दिया गया. राम की पैड़ी के किनारे घाट पर 3.5 लाख दिए जलाए गए. साकेत कॉलेज के डॉ एके मिश्रा ने बताया कि उनके कॉलेज को 22,000 दिए जलाने का टार्गेट दिया गया था, लेकिन उनके कॉलेज ने इससे ज्यादा दीप जलाए हैं.

ayodhya

पूरे राम की पैड़ी में हर घाट को एक कॉलेज को इस कार्य के लिए दिया गया था. फैज़ाबाद के गिर्द जितने भी कॉलेज थे, लगभग सभी छात्र इस काम में लगे रहे. कमिश्नर फैज़ाबाद मनोज मिश्रा हर चीज़ का जायज़ा ले रहे थे. खासकर सरयू आरती के इंतज़ाम को लेकर दीप चेक करते हुए दिखाई दिए हैं. कोरिया के मेहमान भी प्रोटोकॉल समझ रहे थे.

त्रेता युग को रिपीट किया:

पिछले दो साल से योगी आदित्यनाथ ने ये परंपरा कायम की है.जिसमें हेलीकॉप्टर से राम-जानकी उतरते हैं और योगी उनका स्वागत करते हैं. राम कथा पार्क में इनका राज्याभिषेक किया जाता है. वनवास खत्म करके अयोध्या लौटने पर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का ऐसे ही स्वागत किया गया था. बहरहाल योगी सरकार की कोशिश है कि अयोध्या का माहौल वैसा बना दिया जाए जिसकी बात की जाती रही है. पूरा आयोजन चाक चौबंद था. जब राम-जानकी हेलीकॉप्टर से उतरे तो फूलों की बारिश की गयी. बताया जाता है कि रामचंद्रजी पुष्पक विमान से ही उतरे थे.

बाहरी पर्यटक नदारद:

अयोध्या में दीवाली के अवसर पर वैसे भी चहल पहल रहती है. दीपोत्सव को लेकर बहुत कौतुहल नहीं था. हालांकि प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि विश्व मानचित्र पर साकेत नगरी का नाम होगा. लेकिन सरकार ने शायद प्रचार प्रसार की कवायद नहीं की है. अयोध्या फैज़ाबाद मे कोई खास हल चल नहीं दिखाई दी. पुलिस की बैरिकेडिंग से ही पता चलता है कि कोई कार्यक्रम हो रहा है. सुबह से ही अयोध्या में कोई खास भीड़-भाड़ नहीं थी. लोगों की आवाजाही सामान्य थी.

हालांकि अयोध्या में संतो का समर्थन इस प्रोग्राम को था. हनुमान गढ़ी के धर्मदास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस तरह के आयोजन के लिए बधाई दी. लेकिन कहा असली दिवाली राम मंदिर बनने के बाद ही मनाई जा सकती है. ज़ाहिर है कि अयोध्या के संतो का समर्थन मिलना सरकार के लिए राहत की बात थी.

अयोध्या का कोरिया कनेक्शन:

yogi

बताया जा रहा है कि 2000 साल पहले अयोध्या की राजकुमारी का विवाह कोरिया गयी थी.हिवो हंवांग ओक गेमगुवान राज्य की पहली रानी बनी थीं. जिसका ज़िक्र समगुंग युसा भी किया गया है. तब से अयोध्या से कोरिया का रिश्ता बना हुआ है. इसलिए कोरिया के लोगों की राम के प्रति आस्था है. हालांकि कोरिया में बौद्ध धर्म के मानने वाले ज्यादा है.

बीजेपी का लॉचपैड बन रहा है अयोध्या

बीजेपी ने आम चुनाव से पहले अयोध्या का मामला गरम किया है. बीजेपी इसलिए अयोध्या पर काफी अग्रेसिव हो रही है. बीजेपी को लग रहा है कि यूपी में अयोध्या ही पार्टी की अस्मत बचा सकती है. इसलिए योगी सरकार की पूरी कोशिश अयोध्या को सेंटर स्टेज पर लाने की है. पूरे अयोध्या में जगह जगह मोबाइल वैन खड़ी की गयी थी, जो इस प्रोग्राम का सीधा प्रसारण कर रही थी.

बीजेपी की मंशा है कि अयोध्या की चर्चा हर घर में होने लगे. जिससे बीजेपी को राजनीतिक लाभ मिल सके. अयोध्या में 4 से 6 नंवबर तक तीन दिन दिवाली उत्सव का कार्यक्रम चला है. इससे कुछ माहौल तो बना है. लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ी है. राम मंदिर को लेकर बीजेपी माहौल बना रही है. लेकिन यह माहौल पार्टी के लिए अभी मुफीद लग रहा है. पर आगे परेशानी का सबब भी बन सकता है. जिन संतो के ज़रिए बीजेपी राजनीतिक खेल करना चाहती है. इनमें से कई बीजेपी के खिलाफ खड़े हो रहे हैं.

सरकार माहैल बना रही है लेकिन इसमें कोताही बरतना मुश्किल हो सकता है.

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