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दार्जिलिंग: जीजेएम ने दी स्कूल में फंसे बच्चों को राहत

गोरखा मोर्चा ने दार्जिलिंग के बोर्डिंग स्कूलों में फंसे बच्चों को वापस भेजने के लिए दी 23 जून को 12 घंटे की ढील

FP Staff Updated On: Jun 22, 2017 07:34 PM IST

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दार्जिलिंग: जीजेएम ने दी स्कूल में फंसे बच्चों को राहत

दार्जिलिंग के बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने राहत दी है. मोर्चा ने स्कूल में फंसे बाहर के बच्चों को वापस घरों की ओर लौटने के लिए शुक्रवार को बेमियादी बंद में 12 घंटे की ढील दी है.

पिछले दस दिनों में मोर्चा बंद के चलते दार्जिलिंग के हालात काफी खराब हो गए हैं. खाद्य सामग्री के साथ जरूरी सामानों की किल्लत बढ़ गई है. पहाड़ों में कई स्थानों पर पेयजल की समस्या बढ़ गई है. पहले पहाड़ों में कई स्थानों पर लॉरी से पानी भेजा जाता है. वो अब बहुत कम हो गया है. सड़कें सूनी पड़ी हैं. सभी तरह के वाहनों का परिवहन रुका हुआ है. सड़कों पर केवल पुलिस और सेना के जवान नजर आते हैं.

छात्रों का घर लौटना बना समस्या

उन बच्चों के लिए यहां से निकलना बड़ी समस्या बन गया है, जो बाहर से आकर यहां के जाने माने बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ रहे थे. इसमें विदेशी छात्र भी हैं. स्कूल और कॉलेज बंद हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत विदेशी छात्रों को है, जो आमतौर पर नेपाल, थाईलैंड और भूटान से आकर यहां के जाने माने एंग्लो- इंडियन स्कूलों में पढ़ रहे हैं. स्कूलों का प्रशासन मुख्य तौर पर दो बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है. खाद्य सामग्री की आपूर्ति और छात्रों को वापस घर भेजना.

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केवल स्कूली बच्चों के लिए है राहत

ऐसे में जीजेएम ने स्कूलों को 12 घंटे की राहत दी है, जिसमें शुक्रवार यानी 23 जून को दार्जिलिंग हिल्स के स्कूल अपने छात्रों को सुरक्षित रूप से सिलिगुड़ी और रोंगपो भेज सकेंगे, जहां से वो अभिभावकों के साथ घर जा सकेंगे. ये राहत सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक केवल स्कूली बच्चों के लिए ही होगी. छात्र केवल स्कूल की बसों में ही दार्जिलिंग से वापस लौट सकेंगे. स्कूल बसों के अलावा अन्य किसी वाहन को जाने की इजाजत नहीं होगी.

खाद्य सामग्री खत्म होने की ओर

सूत्रों के अनुसार बोर्डिंग स्कूलों में खाद्य सामग्री का स्टाक खत्म होने की ओर है. जितनी खाद्य सामग्री का भंडारण है, उससे केवल कुछ ही दिन काम चलाया जा सकता है. बहुत से स्कूलों में इस समय परीक्षाएं चल रही थीं. लेकिन परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय छात्र परीक्षाएं देने स्कूल नहीं आ पा रहे. इसी तरह बहुत से वो छात्र जो छुट्टियों में अपने घर आए हुए थे, वो वापस नहीं लौट पा रहे हैं. स्कूल प्रशासन, छात्र और अभिभावकों को कोई अंदाज नहीं कि दार्जिलिंग में स्थितियां कब तक सामान्य होंगी.

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एक अभिभावक की दिक्कत

सयानी मित्रा के बच्चे दार्जिलिंग के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ रहे हैं, वह कहती हैं, मेरा बेटा अरित्रा मित्रा कलिम्पोंग के डॉक्टर ग्राहम होम में पढ़ता है. उसके स्कूल छुट्टियों के बाद 19 जून को खुलना था, लेकिन मौजूदा स्थितियों के चलते ये नहीं खुल रहा. स्कूल प्रशासन ने एक संदेश भेजकर कहा है कि हिल्स में चल रहे आंदोलन के चलते स्कूल अभी बंद रहेंगे.

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