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दिल्ली: चिड़ियाघर में अनियमितताओं पर सीजेडए ने जताई हैरानी, पर्यावरण मंत्रालय को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष 8 जनवरी को दायर एक हलफनामे में कहा गया कि चिड़ियाघर के कुछ अधिकारी, जिन्होंने अनियमितताओं की ओर इशारा किया था, ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें ही इस मामले में आरोपी के तौर पर घसीटा गया और उन्हें परेशान किया गया

Updated On: Jan 20, 2019 06:02 PM IST

Bhasha

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दिल्ली: चिड़ियाघर में अनियमितताओं पर सीजेडए ने जताई हैरानी, पर्यावरण मंत्रालय को ठहराया जिम्मेदार

देशभर के चिड़ियाघरों को विनियमित करने वाली सांविधिक प्राधिकरण केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने दिल्ली चिड़ियाघर में घोर अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर पर्यावरण मंत्रालय को दोषी ठहराया है. आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी सामने आई है. दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष 8 जनवरी को दायर एक हलफनामे में कहा गया कि चिड़ियाघर के कुछ अधिकारी, जिन्होंने अनियमितताओं की ओर इशारा किया था, ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें ही इस मामले में आरोपी के तौर पर घसीटा गया और उन्हें परेशान किया गया. सीजेडए ने हलफनामे में कहा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) में हाल ही में हुई घटनाएं, जो केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के संज्ञान में आई हैं, चौंकाने वाली है और यह देश के किसी भी चिड़ियाघर में कल्पनीय और स्वीकार्य नहीं है, कोई सपने में भी नहीं सोच सकता है कि यह सब देश के किसी राष्ट्रीय चिड़ियाघर में हो रहा है, जिसे राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में जाना जाता है.

यह हलफनामा पर्यावरण कार्यकर्ता अजय दुबे की एक जनहित याचिका के जवाब में दायर किया गया था, जिसमें दिल्ली चिड़ियाघर में कथित अनियमितताओं पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो या किसी अन्य सक्षम एजेंसी द्वारा जांच कराने की मांग की गई थी. दुबे की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अगस्त 2017 में इस मामले को देखने के लिए एक समिति का गठन किया था. सीजेडए ने कहा कि जांच पैनल को चिड़ियाघर के अधिकारियों और कर्मचारियों से सहयोग नहीं मिला. हलफनामे में कहा गया कि किसी तरह से जांच पूरी की गई और इसके निष्कर्ष मंत्रालय को पिछले साल अप्रैल में सौंपे गए. जांच में पाया गया कि मॉनिटर लिजार्ड (गोह) को अवैध रूप से (बाहर से) पकड़ा गया और जानवरों के प्रकोष्ठ (चिड़ियाघर के अंदर) में छोड़ा गया.

सीजेडए ने कहा, दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि चिड़ियाघर में कई जानवरों की मौत को राष्ट्रीय प्राणी उद्यान अधिकारियों द्वारा दबा दिया गया. मृत जानवरों को बाद में अवैध रूप से पकड़े गये जानवरों के साथ बदल दिया गया. उसमें कहा गया कि चिड़ियाघर से 8 कछुए और 3 रेड सैंड बोआ सांप गायब थे. जांच रिपोर्ट में कहा गया था, चिड़ियाघर के जानवरों से संबंधित रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया है. सीजेडए ने मंत्रालय को इन घटनाओं से अवगत कराया और इस मामले में उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की. सीजेडए ने अपने हलफनामे में कहा, हालांकि, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में सामने आई इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. दुबे ने कहा, दिल्ली चिड़ियाघर में अनियमितताओं की जांच के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है.

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