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ओखी चक्रवात का कहर, गुजरात-महाराष्ट्र से है बस इतना दूर

चक्रवात ओखी उत्तर-उत्तरपश्चिमी दिशा में 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है

FP Staff Updated On: Dec 04, 2017 05:15 PM IST

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ओखी चक्रवात का कहर, गुजरात-महाराष्ट्र से है बस इतना दूर

चक्रवात ओखी, तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में तबाही मचाने के बाद आगे बढ़ गया है. भारत मौसम विभाग ने सोमवार को हिंदुस्तान टाइम्स से कहा 'ओखी अरब सागर में 690 किमी मुंबई के साउथ-साउथवेस्ट में और गुजरात के सूरत से 870 किमी साउथ-साउथवेस्ट में है.'

इसी तूफान के साथ मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना भी जताई है. इसमें सबसे पहला नाम ओडिशा का निकलकर सामने आता है. ओडिशा सरकार ने सोमवार को किसानों से खेतों से अपने कटा हुआ धान सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए कहा ताकि नुकसान और क्षति से बचा जा सके. मौसम विभाग ने राज्य में 7 दिसंबर से राज्य में भारी बारिश की संभावना जताई है.

चक्रवात ओखी से प्रभावित तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में जारी राहत एवं बचाव कार्यों का कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (NCMC) ने निरीक्षण किया.

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि सिलसिलेवार बैठकों में एनसीएमसी ने तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में हालात का जायजा लिया. वहां तटीय इलाकों में चक्रवात ने भारी तबाही मचाई है.

उन्होंने बताया कि एनसीएमसी की हालात पर नजर है और प्रभावित राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में हर आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है. जरूरत पड़ने पर और सहायता मुहैया करवाई जाएगी.

ओखी चक्रवात पर केंद्र की तरफ से आपदा का सामना करने वाले सभी राज्यों को मदद पहुंचा रहा है. इस मामले पर सोमवार को गृहमंत्रालय ने ट्वीट किया 'गृहमंत्री ने तमिलनाडु, केरल के मुख्यमंत्रियों समेत लक्षद्वीप के अधिकारियों से बात कर हालात का जायजा लिया है. केंद्र हर संभव मदद इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दे रहा है. राहत और बचाव कार्य पूरी मेहनत से चल रहा है.'

रविवार से जारी बैठकों में कैबिनेट सचिव, रक्षा, गृह और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल हुए .

आधिकारिक सूत्रों ने भाषा को बताया कि केरल में बारिश से संबंधित घटनाओं में 19 लोगों की मौत हो चुकी है. केरल तट के निकट समुद्र में फंसे 600 से अधिक मछुआरों को बचा लिया गया है.

नौसेना के पोत, हेलिकॉप्टर, तटरक्षक की पनडुब्बियां और वायुसेना के विमान बचाव एवं राहत कार्य में जुटे हैं, लापता करीब 100 मछुआरों की तलाश जारी है.

मौसम विभाग की ओर से रविवार को जारी बुलेटिन में बताया गया था कि चक्रवात ओखी उत्तर-उत्तरपश्चिमी दिशा में 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.

(भाषा से इनपुट)

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