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चक्रवात ओखी: तमिलनाडु और केरल के 600 से ज्यादा मछुआरे अब भी लापता

ओखी तूफान की वजह से छोटी-छोटी नावों में समुंद्र में उतरने वाले मछुआरे गायब हैं

Updated On: Dec 14, 2017 09:05 PM IST

Bhasha

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चक्रवात ओखी: तमिलनाडु और केरल के 600 से ज्यादा मछुआरे अब भी लापता

चक्रवात ओखी के देश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में तबाही मचाने के बाद से तमिलनाडु और केरल के 600 से ज्यादा मछुआरे लापता हैं. अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के 433 मछुआरे और केरल के 186 मछुआरों का अब तक पता नहीं चल सका है.

दो दिसंबर को चक्रवात आने के बाद से लापता लोगों की अंतिम संख्या दोनों राज्य सरकारों को अभी देनी है. उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर सत्यापित करने की प्रक्रिया चल रही है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद लापता लोगों की अंतिम संख्या का पता चलेगा.

तूफान का भयावह असर?

तटीय क्षेत्र में ओखी के आने से पहले कई मछुआरे नौकाओं और छोटी नौकाओं से समुद्र में गए थे. चिंता उन लोगों को लेकर है जो ऐसी छोटी नौकाओं से गए थे. अबतक चक्रवात ओखी की वजह से केरल में 63 और तमिलनाडु में 14 लोगों की मौत हुई है.

कहां से आया ओखी शब्द?

च्रकवात ओखी एक बंगाली शब्द है जिसक मतलब ‘आंख’ होता है. यह दो दिसंबर को लक्षद्वीप पहुंचा था और इसने द्वीप के साथ केरल तथा तमिलनाडु के तटीय इलाकों में घरों, बिजली की लाइनों और अन्य आधारभूत ढांचे को काफी नुकसान पहुंचाया था. यह छह दिसंबर को गुजरात के दक्षिणी तट पर पहुंचने से पहले ही कमजोर पड़ गया था.

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