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साइबर सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती: होम मिनिस्ट्री के कंप्यूटर को सबसे ज्यादा खतरा

पिछले साल सरकारी सर्वर पर 32 हजार साइबर हमले

Updated On: May 07, 2017 08:21 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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साइबर सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती: होम मिनिस्ट्री के कंप्यूटर को सबसे ज्यादा खतरा

देश में साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. केंद्र सरकार साइबर सुरक्षा को लेकर कठोर कदम उठा रही है लेकिन साइबर हमले में कमी नहीं आ रही है. पिछले साल देश में 32 हजार से ज्यादा साइबर हमले हुए हैं.

सूचना केंद्र (एनआईसी) ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा है कि देश में पिछले साल 32 हजार से ज्यादा साइबर हमले किए गए. केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कंप्यूटरों में 5 करोड़ से ज्यादा वायरस हमले हुए.

होम मिनिस्ट्री के कंप्यूटर में सबसे ज्यादा वायरस

सबसे ज्यादा वायरस के शिकार गृह मंत्रालय और उसके विभाग हुए हैं. एनआईसी ने लगभग 3 करोड़ वायरस ब्लॉक को साफ कर दिया. पिछले साल गृह मंत्रालय में सवा करोड़ वायरस संक्रमण कंप्यूटरों में मिला. वित्त, रक्षा, पेट्रोलियम और टेलीकॉम मंत्रालय के कंप्यूटर में भी वायरस संक्रमण पाया गया है.

हालांकि, साइबर सुरक्षा पर तैयार एक रिपोर्ट में एनआईसी ने कहा है कि पिछले पांच सालों में ऑनलाइन हमलों में कमी आई है. जबकि सुरक्षा के मद्देनजर इसमें और बढ़ोतरी की जरूरत है.

वायरस से सुरक्षा में कितना खर्च?

सरकारी तंत्र साइबर सुरक्षा के लिए अगले पांच साल का खर्च 275 करोड़ रुपए का रखा है. एनआईसी ने सभी खुफिया ऑनलाइन गेटवे को जोखिम से बचाने के लिए अगले पांच सालों में 50 करोड़ रुपए का खर्च आने का अनुमान लगाया है.

एनआईसी ने संवेदनशील डाटा की सुरक्षा के लिए विभागों में अलग इंतजाम करने जरूरत बताई है. एनआईसी नेटवर्क सुरक्षा, एप्लीकेशन सुरक्षा, मुख्य सूचना केंद्र, ई-मेल और साइबर सुरक्षा के लिए ढांचागत व्यवस्था पर जोर दिया है.

पिछले साल देश में 4 करोड़ 97 लाख वायरस संक्रमित कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य डिवाइस के वायरस को खत्म किया गया है. जिसमें 3 करोड़ 15 लाख वायरस सिर्फ एनआईसी ने खत्म किए. साथ ही 7 हजार 44 आईपी एड्रेस और 530 यूआरएल को ब्लॉक किया गया.

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