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आय से अधिक संपत्ति मामला: अदालत का CBI को निर्देश- वीरभद्र सिंह को दें दस्तावेज

हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी पर आय से अधिक संपत्ति मामले में केस चल रहा है

Bhasha Updated On: Aug 30, 2017 06:10 PM IST

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आय से अधिक संपत्ति मामला: अदालत का CBI को निर्देश- वीरभद्र सिंह को दें दस्तावेज

सीबीआई को एक विशेष अदालत ने निर्देश दिया है कि वो हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कुछ दस्तावेज सिंह को सौंपे.

बुधवार को विशेष जज वीरेंद्र कुमार गोयल ने यह निर्देश सीबीआई की ओर से यह कहे जाने पर जारी किया कि जांच अधिकारी के किसी अन्य मामले में व्यस्त होने के कारण अदालत के निर्देशानुसार अरोपियों को दस्तावेज नहीं दिए जा सके.

वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और अन्य ने पहले अदालत को बताया था कि उन्हें आरोप पत्र के साथ दाखिल किए गए विभिन्न दस्तावेज नहीं मिले हैं.

अदालत ने निजी पेशी से छूट मांगने वाले सिंह दंपति की दायर याचिकाओं पर भी एजेंसी से प्रतिक्रिया मांगी.

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 31 अक्तूबर की तारीख तय की है.

अदालत की कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी के अलावा इस मामले के अन्य आरोपी- यूनिवर्सल एप्पल असोसिएट के मालिक चुन्नी लाल चौहान, स्टैंप पेपर के विक्रेता जोगिंदर सिंह घाल्टा, तारानी इंफ्रास्ट्रक्चर के मैनेजिंग डायरेक्टर वी चंद्रशेखर, सह आरोपी लावण कुमार रोआच, प्रेम राज और राम प्रकाश भाटिया हैं.

अदालत की ओर से इनके खिलाफ जारी समनों की तामील के बाद इन लोगों के पेश होने पर अदालत ने इन्हें 29 मई को जमानत दे दी थी.

आरोप पत्र में एलआईसी एजेंट आनंद चौहान का भी नाम है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति के इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में पिछले साल 9 जुलाई को चौहान को गिरफ्तार किया था. इस समय वह न्यायिक हिरासत में है.

अदालत ने सीबीआई की ओर से दायर आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए इन लोगों को आठ मई को तलब किया था.

सीबीआई की ओर से दायर 500 पन्नों के आरोप पत्र में लगभग 225 गवाहों के बयान थे और इसमें 442 दस्तावेज थे. आरोप पत्र में दावा किया गया है कि सिंह ने लगभग 10 करोड़ रूपए की संपत्ति जुटाई थी, जो कि केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान उनकी कुल आय से अधिक है.

सुप्रीम कोर्ट ने मामला दिल्ली हाईकोर्ट को ट्रांसफर कर दिया था. 6 अप्रैल, 2016 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई से कहा था कि वह सिंह को गिरफ्तार न करे. हाईकोर्ट ने वीरभद्र सिंह को जांच में हिस्सा लेने का भी निर्देश दिया था.

पिछले साल पांच नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की याचिका को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था.

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