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SC में केंद्र सरकारः दोषी व्यक्ति भी बना सकते हैं पार्टी

केंद्र का कहना है कि मौजूदा कानून में संशोधन के लिए कोर्ट की ओर से सरकार को बाध्य नहीं किया जा सकता

Updated On: Mar 22, 2018 02:59 PM IST

FP Staff

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SC में केंद्र सरकारः दोषी व्यक्ति भी बना सकते हैं पार्टी

आपराधिक मामलों में दोषी व्यक्ति पाए गए व्यक्ति को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है. लेकिन उसे राजनीतिक दलों में किसी पद पर काबिज होने से कैसे रोका जा सकता है. यह कहना है केंद्र सरकार का. गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में दायर एक याचिका का विरोध करते हुए सरकार ने अपना पक्ष रखा.

केंद्र का कहना है कि मौजूदा कानून में संशोधन के लिए कोर्ट की ओर से सरकार को बाध्य नहीं किया जा सकता.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक केंद्र का ये भी कहना है कि चुनाव आयोग के पास ऐसी शक्तियां नहीं है कि वो ऐसी किसी पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दे जिसके प्रमुख दोषी साबित हो चुके राजनेता हैं.

बीजेपी नेता ने दायर की है याचिका 

यह भी तर्क दिया जा रहा है कि चुनाव सुधार लंबी और जटिल प्रक्रिया है. ऐसे में किसी भी संशोधन को लाने से पहले विधि आयोग की सिफारिश की जरूरत होती है. राजनीतिक दलों में पदाधिकारियों का चुने जाना उनके स्वायत्तता के अधिकार का हिस्सा है.

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर में बीजेपी नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने एक जनहित याचिका दायर की थी. इसपर कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा था. याचिका में दोषी व्यक्ति पर राजनीतिक दल बनाने और उसमें पद हासिल करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी.

'वर्तमान में ऐसा व्यक्ति जिसे हत्या, बलात्कार आदि जैसे घृणित अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है, वह एक राजनीतिक पार्टी बना सकता है और पार्टी अध्यक्ष बन सकता है. याचिका में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दल बनाने और राजनीतिक पद लेने से दोषी व्यक्ति को बहिष्कृत कर दिया जाना चाहिए.

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