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'संविधान की संप्रभुता सर्वोच्च है इसके बिना भारत में अराजकता फैल जाएगी'

संवैधानिक संप्रभुता को सर्वोच्च बताते हुए प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि सबको इसके समक्ष समर्पण करना चाहिए क्योंकि इसके अभाव में देश में अराजकता फैल जाएगी

Bhasha Updated On: Dec 29, 2017 08:33 PM IST

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'संविधान की संप्रभुता सर्वोच्च है इसके बिना भारत में अराजकता फैल जाएगी'

संवैधानिक संप्रभुता को सर्वोच्च बताते हुए प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि सबको इसके समक्ष समर्पण करना चाहिए क्योंकि इसके अभाव में देश में अराजकता फैल जाएगी. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि संवैधानिक संप्रभुता नहीं होने से देश अराजकता के भंवर में डूब जाएगा और इसलिए कानून के नियमों का पालन करना सबके लिए आवश्यक है.

आल ओडिशा लॉयर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, 'हम सब संवैधानिक संप्रभुता के नीचे हैं और संवैधानिक वर्चस्व के आगे हम सबको आत्मसमर्पण करना पड़ेगा.' प्रधान न्यायाधीश ने कहा, 'हम सब लोगों को अपने दिमाग में यह बात बिठाने की जरूरत है कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका समेत सभी संवैधानिक संप्रभुता के नीचे हैं.' उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वह इस शानदार पेशे की पवित्रता बनाए रखें और अपने काम से लोगों की सेवा करें.

प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने पिछले चार साल में 170 अदालतों की स्थापना की है और जल्दी ही 50 नई अदालतें स्थापित की जाएंगी. मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे राज्य के गरीबों को उनके वाद में सहयोग करने का पूरा प्रयास करें.

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