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मद्रास हाई कोर्ट ने पूछा गरीब 'सवर्णों' को आरक्षण क्यों नहीं!

अदालत ने सरकार को निर्देश देते हुए यह बताने को कहा कि तथाकथित अगड़े समुदाय के लोगों को उनके आर्थिक दर्जे के आधार पर आरक्षण देना क्या संभव है

Updated On: Dec 16, 2017 07:21 PM IST

Bhasha

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मद्रास हाई कोर्ट ने पूछा गरीब 'सवर्णों' को आरक्षण क्यों नहीं!

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को तथाकथित अगड़े समुदाय के लोगों को उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी में उनके आर्थिक आधार पर आरक्षण मुहैया करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया है.

अदालत ने तथाकथित अगड़े समुदाय के 14 छात्रों की एक याचिका पर यह टिप्पणी की.

याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खुली श्रेणी के लिए रखी गई एमबीबीएस सीटें बीसी और एमबीसी श्रेणियों को हस्तांतरित करना अवैध, मनमाना है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है.

यह याचिका शुक्रवार को जब सुनवाई के लिए आई तो न्यायमूर्ति किरबाकरन ने कहा, ‘तथाकथित अगड़े समुदायों में गरीब की अब तक अनदेखी की गई है और सामाजिक न्याय के नाम पर विरोधी स्वर उठने के डर से उनके बारे में कोई नहीं बोल सकता.’ न्यायाधीश ने कहा कि सामाजिक न्याय समाज के हर तबके को मिलना चाहिए.

अदालत ने सरकार को निर्देश देते हुए यह बताने को कहा कि तथाकथित अगड़े समुदाय के लोगों को उनके आर्थिक दर्जे के आधार पर आरक्षण देना क्या संभव है.

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