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एक्टिविस्ट्स की गिरफ्तारी पर बोले राहुल गांधी, 'जो शिकायत करे उसे गोली मारो, वेलकम टू न्यू इंडिया'

मंगलवार को पुणे पुलिस ने देश के अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर दिल्ली से एक्टिविस्ट गौतम नवलखा, फरीदाबाद से सुधा भारद्वाज और वामपंथी चिंतक वरवर राव सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था

Updated On: Aug 29, 2018 09:13 AM IST

FP Staff

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एक्टिविस्ट्स की गिरफ्तारी पर बोले राहुल गांधी, 'जो शिकायत करे उसे गोली मारो, वेलकम टू न्यू इंडिया'

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने मंगलवार को देशभर में वामपंथी विचारकों के ठिकानों पर छापेमारी की. पुलिस ने वामपंथी विचारधारा के समर्थक माने जाने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी के बाद लेफ्ट दलों समेत कई विपक्षी पार्टियों ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी वामपंथी विचारकों की गिरफ्तार पर सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'भारत में सिर्फ एक एनजीओ के लिए जगह है और इसका नाम आरएसएस है. बाकी सभी एनजीओ बंद कर दो. सभी एक्टिविस्टों को जेल में भेज दो और जो लोग शिकायत करें उन्हें गोली मार दो. न्यू इंडिया में आपका स्वागत है.’

बता दें कि इस मामले में पुलिस ने छापेमारी कर दिल्ली से एक्टिविस्ट गौतम नवलखा, फरीदाबाद से सुधा भारद्वाज और वामपंथी चिंतक वरवर राव सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए सभी लोग वामपंथी विचारधारा के समर्थक माने जाते हैं और इसीलिए लेफ्ट पार्टियां यह आरोप लगा रही हैं कि केंद्र सरकार जानबूझ कर उन्हें निशाना बना रही है. जबकि पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए लोग माओवादियों और नक्सलियों से जुड़े हुए हैं.

प्रकाश करात ने भी की निंदा

राहुल गांधी के अलावा सीपीएम नेता प्रकाश करात ने भी केंद्र सरकार पर तंज कसा है. वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए करात ने कहा, ‘’यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर एक बड़ा हमला है. हम मांग कर रहे हैं कि इन लोगों के खिलाफ सभी मामलों को वापस ले लिया जाए और उन्हें तत्काल रिहा कर दिया जाए.’’

वहीं जानी-मानी लेखिका अरुंधति रॉय ने भी पूरे मामले की निंदा की है. उन्होंने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'जो हो रहा है यह पूरी तरह खतरनाक है, ऐसा लगता है कि इमरजेंसी की घोषणा होने वाली है.'

सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा को फौरी राहत

इस बीच भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में फरीदाबाद से गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा को फौरी तौर पर राहत दी गई है. सुधा भारद्वाज के ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 3 दिन का स्टे लगा दिया है. इससे पहले भारद्वाज की तरफ से की गई ट्रांजिट बेल की अपील फरीदाबाद के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दी थी. जिसके बाद हाईकोर्ट से उन्हें 3 दिन की राहत मिली है. इस दौरान सुधा भारद्वाज 3 दिन तक हाउस अरेस्ट में रहेंगी.

वहीं, इसी मामले में पुणे पुलिस द्वारा गिरफ्तार दलित एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली, लेकिन यह राहत सिर्फ एक दिन के लिए है. हाईकोर्ट बुधवार सुबह फिर नवलखा की याचिका पर सुनवाई करेगा.

प्रतीकात्मक

इस साल 1 जनवरी को दलितों और सवर्णों के बीच महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हिंसा भड़क उठी थी

क्या है भीमा कोरेगांव हिंसा?

इसी साल 1 जनवरी को महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़क उठी थी. पूरा झगड़ा 29 दिसंबर से शुरू हुआ था. 29 दिसंबर को पुणे के वडू गांव में दलित जाति के गोविंद महाराज की समाधि पर हमला हुआ था, जिसका आरोप मिलिंद एकबोटे के संगठन हिंदू एकता मोर्चा पर लगा और एफआईआर दर्ज हुई.

1 जनवरी को दलित समाज के लोग पुणे के भीमा कोरेगांव में शौर्य दिवस मनाने इकट्ठा हुए और इसी दौरान सवर्णों और दलितों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक शख्स की जान चली गई. इसके बाद देखते ही देखते यह हिंसा बढ़ती चली गई.

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