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कांग्रेस नेताओं ने राफेल सौदे पर कैग से मुलाकात की, सरकार का जांच से इनकार

कांग्रेस की मांग पर सरकार ने कहा कि वह नहीं समझती कि गलत जानकारी वाले एक ऐसे नेता के अहं की तुष्टि के लिए जेपीसी या सीएजी जांच गठित की जाती है जो खतरनाक निरंतरता के साथ झूठ दोहराता है

Updated On: Sep 19, 2018 11:02 PM IST

Bhasha

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कांग्रेस नेताओं ने राफेल सौदे पर कैग से मुलाकात की, सरकार का जांच से इनकार

राफेल विमान सौदे को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर कांग्रेस लगातार हमले कर रही है. बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) राजीव महर्षि से मुलाकात की. पार्टी नेताओं ने कहा कि कैग ने कहा है कि वह संसद में रिपोर्ट पेश करने के लिए पूरे मामले की ‘पहले ही जांच कर रहे हैं’ और उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी तर्कों पर विचार किया जाएगा.

दूसरी ओर, सरकार ने कहा कि वह नहीं समझती कि गलत जानकारी वाले एक ऐसे नेता के अहं की तुष्टि के लिए जेपीसी या सीएजी जांच गठित की जाती है जो खतरनाक निरंतरता के साथ झूठ दोहराता है. ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने यह टिप्पणी कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी पर की है.

कांग्रेस ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को बताया कि कैग की रिपोर्ट जल्द ही संसद के पटल पर पेश की जाएगी. पार्टी नेताओं ने कैग को सौंपे ज्ञापन में आग्रह किया कि पूरे रिकॉर्ड की छानबीन करते हुए इसका ऑडिट होना चाहिए और मोदी सरकार इस संस्था के समक्ष पूरी जानकारी मुहैया कराने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है.

पीएम मोदी ने निजी समूह की कंपनी के लिए सौदे को बदलवाया

कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसाल्ट से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद का जो सौदा किया है, उसका मूल्य पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के शासनकाल में किए गए समझौते की तुलना में बहुत अधिक हैं जिससे सरकारी खजाने को हजारों करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. पार्टी का यह भी दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौदे को बदलवाया जिससे एचएएल से कॉन्ट्रैक्ट लेकर एक निजी समूह को कंपनी को दिया गया.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हमने कैग को बताया कि किस प्रकार से मोदी सरकार ने देश को 41 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाया और किस तरह सरकारी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट छीनकर एक निजी कंपनी को दिया गया. हमने सारे तथ्य कैग के समक्ष रखे. कैग ने आश्वासन दिया कि वह संविधान और कानून के मुताबिक, राफेल मामलों के सभी कागज मंगाकर जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी जाएगी.

New Delhi: Congress senior leaders Ghulam Nabi Azad, Anand Sharma , Randeep Surjewala, Ahmed Patel and others leave after a meeting with Comptroller and Auditor General (CAG), in New Delhi, Wednesday, Sep 19, 2018. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI9_19_2018_000089B)

New Delhi: Congress senior leaders Ghulam Nabi Azad, Anand Sharma , Randeep Surjewala, Ahmed Patel and others leave after a meeting with Comptroller and Auditor General (CAG), in New Delhi, Wednesday, Sep 19, 2018. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI9_19_2018_000089B)

उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि जब कैग के समक्ष सभी फाइलें आ जाएंगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. 41 हजार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आ जाएगा और रहस्य की सारी परतें खुल जाएंगी.

सरकार को समितियों के सामने खुलासा करना होगा

कांग्रेस ने कहा कि इन सबके अलावा सरकार कैग की छानबीन में 36 लड़ाकू विमानों कीमत का खुलासा करने को बाध्य है. सरकार को लोक लेखा समिति (पीएसी), मुख्य सतर्कता आयोग (सीवीसी) और रक्षा मामले की संसद की स्थायी समिति के समक्ष भी इसका खुलासा करना होगा.

ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि यह सरकार राष्ट्रीय हित एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने की दोषी है जो माफ करने के योग्य नहीं है. जिस तरह से यह विमान सौदा किया गया, फिर चीजों को छिपाने की कोशिश हुई तथा झूठ बोले गए, उससे जनता के बीच चिंता पैदा हुई है.

उसने कहा कि सरकारी खजाने को भारी क्षति की बात बेनकाब हो चुकी है क्योंकि सरकार ने सच्चाई बताने और तथ्यों को सार्वजनिक पटल पर रखने से इनकार कर दिया है.

राफेल विमान सौदे की पूरी पृष्ठभूमि और संबंधित विवरण को कैग के समक्ष रखते हुए कांग्रेस ने कहा कि कानून के मुताबिक सरकार सारी सूचनाएं कैग को मुहैया कराने के लिए बाध्य है. संपूर्ण सौदा, इसका प्रारूप, अनुबंध का प्रकार और समान अवसर मुहैया कराने का सिद्धांत कैग के छानबीन करने एवं तथ्यों को रिपोर्ट करने के दायरे में होना चाहिए.

देश की सुरक्षा प्रणाली को खतरा पैदा हुआ है

कांग्रेस ने कहा कि तथ्यों से स्पष्ट है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को दरकिनार करके 30 हजार करोड़ रुपए का ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट और करीब एक लाख करोड़ रुपए का लाइफ साइकल कॉन्ट्रैक्ट उस निजी इकाई को दिया गया जिसके पास विमान के विनिर्माण का कोई अनुभव नहीं है. इससे देश की सुरक्षा प्रणाली को खतरा पैदा हुआ है.

New Delhi: Union Law and Justice Minister Ravi Shankar Prasad briefs the press after the Cabinet meeting, in New Delhi, Wednesday, Sept 19, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9_19_2018_000038B)

New Delhi: Union Law and Justice Minister Ravi Shankar Prasad briefs the press after the Cabinet meeting, in New Delhi, Wednesday, Sept 19, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9_19_2018_000038B)

उसने कहा, ‘हमारा आग्रह है कि कैग अपना संवैधानिक दायित्व निभाए और रिकॉर्ड की छानबीन करते हुए समयबद्ध विशेष एवं फोरेंसिक ऑडिट करे ताकि भारत की जनता को समग्र एवं पारदर्शी तरीके से सच्चाई के बारे में बताया जा सके और मोदी सरकार की जिम्मेदार तय हो सके.’

पार्टी ने इससे पहले मांग की कि सौदे में कथित अनियमितताओं की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराई जाए. सरकार ने किसी भी तरह की जेपीसी या कैग से जांच कराने से इनकार कर दिया.

किसी नेता की अंह की तुष्टि के लिए नहीं होगी जांच

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पत्रकारों से कहा, ‘मैं नहीं समझता कि गलत जानकारी वाले एक ऐसे नेता के अहं की तुष्टि के लिए जेपीसी या सीएजी जांच गठित की जाती है जो खतरनाक निरंतरता के साथ झूठ दोहराता है.’

प्रसाद ने यह प्रतिक्रिया तब जाहिर की जब कांग्रेस नेताओं ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से मिलकर राफेल करार में कथित अनियमितता और एचएएल को ऑफसेट अनुबंध एवं प्रौद्योगिकी अंतरण से बाहर रखे जाने की जांच कराने की मांग की.

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