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कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज बोले मुशर्रफ की भाषा, कहा-कश्मीर को चाहिए आजादी

सैफुद्दीन सोज ने यह भी मांग उठाई कि भारत सरकार को अमन-चैन के लिए हुर्रियत और अलगाववादियों से बात करनी चाहिए

FP Staff Updated On: Jun 22, 2018 11:49 AM IST

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कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज बोले मुशर्रफ की भाषा, कहा-कश्मीर को चाहिए आजादी

जम्मू और कश्मीर के मसले पर कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता का बड़ा बयान आया है. कश्मीर के ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज ने कहा है कि हम पाकिस्तान से विलय नहीं चाहते पर हमें आजादी चाहिए.

सोज ने अपने विवादित बयान में कहा कि कश्मीर के लोग भारत से आजादी चाहते हैं. हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि यह उनका निजी बयान है और इससे पार्टी को कोई लेना देना नहीं है. सोज ने यह भी मांग उठाई कि भारत सरकार को हुर्रियत और अलगाववादियों से बात करनी चाहिए. राज्यपाल एनएन वोहरा की ओर से जम्मू और कश्मीर को लेकर बुलाई सर्वदलीय बैठक से पहले सोज के बयान ने तूल पकड़ लिया है.

इतना ही नहीं, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के एक बयान का समर्थन करते हुए सोज ने कहा, 'मैं उनकी बातों से इत्तेफाक रखता हूं कि कश्मीर में रहने वालों को अगर मौका मिले तो वे भारत या पाकिस्तान का हिस्सा बनने की बजाय आजाद होना ज्यादा पंसद करेंगे.' उन्होंने कहा कि मुशर्रफ ने लगभग 10 साल पहले जो बयान दिया था, वह जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालातों पर ठीक बैठता है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में सोज ने दावा किया कि 1953 से लेकर अबतक हिंदुस्तान की कई सरकारें बड़ी-बड़ी गलतियां करती आई हैं. इस दरम्यान देश की बागडोर कांग्रेस के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के हाथ भी रही. सोज ने बताया कि तब से लेकर अबतक कश्मीरी अपने को देश से अलग-थलग महसूस करते आ रहे हैं. सोज ने अपनी एक पुस्तक में ऐसा दावा किया है जो जल्द बाजार में उतरेगी.

सोज यूपीए-1 में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने अपनी आने वाली किताब में कहा है कि केंद्र सरकार को कश्मीर की समस्या सुलझाने के लिए मुख्य दलों के पास जाने से पहले हुर्रियत कॉफ्रेंस के लोगों से बात करनी चाहिए. हुर्रियत अलगाववादी धड़ा है जो कश्मीर की आजादी की मांग करता रहा है.

कश्मीर न्यूज सर्विस ने सोज के एक बयान में कहा कि 'मेरे खयाल से जम्मू-कश्मीर के लोगों की भावना कारगर साबित हुई जिसे देखते हुए मोदी-अमित शाह की जोड़ी ने प्रदेश में सरकार से अलग होने का फैसला किया.' सोज ने आगे कहा, उनके (मोदी-शाह) दिमाग में संयुक्त विपक्ष का भय बैठ गया है कि कांग्रेस 2019 से पहले विपक्ष के साथ गठबंधन करेगी जो पीएम मोदी के लिए काफी मुश्किल साबित होगा.

सोज के इस बयान पर बीजेपी और शिवसेना ने कड़ा ऐतराज जताया है. बीजेपी नेता सुब्रह्मणियम स्वामी ने कहा, केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने (सैफुद्दीन सोज) काफी फायदा उठाया, वह भी तब जब जेकेएलएफ ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया था. ऐसे लोगों को मदद करने का कोई मतलब नहीं. यहां जिसे रहना है उसे संविधान को मानना होगा, अन्यथा हम उन्हें एकतरफा टिकट (पाकिस्तान के लिए) देंगे.

शिवसेना की मनीषा कयांदे ने कहा, सोज के बयान का जवाब कांग्रेस को देना चाहिए. अगर उन्हें (सोज) पाकिस्तान और मुशर्रफ से इतना लगाव है तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए.

सोज के इस बयान के बाद कांग्रेस भी सकते में आ गई है. उसे इसका जवाब देना भारी पड़ रहा है.

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