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सबरीमाला में कार्यकर्ताओं को लाने के लिए कांग्रेस, बीजेपी ने केरल सरकार पर निशाना साधा

गर्भगृह की ओर जाने वाली 18 पवित्र सीढ़ियों से कुछ ही मीटर दूर स्थित कतार परिसर, वलिया नदापंडाल में महिलाओं और उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहे पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं ने रोक दिया

Updated On: Oct 19, 2018 05:28 PM IST

Bhasha

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सबरीमाला में कार्यकर्ताओं को लाने के लिए कांग्रेस, बीजेपी ने केरल सरकार पर निशाना साधा
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विपक्षी कांग्रेस और बीजेपी ने सबरीमाला मंदिर में महिला कार्यकर्ताओं को लाने के वास्ते कथित रूप से समर्थन प्रदान करने और श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए केरल की वाममोर्चा सरकार पर शुक्रवार को निशाना साधा.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारी सुरक्षा के बीच पहाड़ी की चोटी पर चढ़ने वाली महिलाओं में से एक को पुलिस ने अपनी सरकारी वर्दी और हेलमेट दिया.

इन दो महिलाओं की पहचान हैदराबाद की पत्रकार और कोच्चि की एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में हुई है.

गर्भगृह की ओर जाने वाली 18 पवित्र सीढ़ियों से कुछ ही मीटर दूर स्थित कतार परिसर, वलिया नदापंडाल में महिलाओं और उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहे पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं ने रोक दिया और उन्हें गर्भगृह में पहुंचने से पहले ही वापस लौटना पड़ा.

इस मुद्दे पर CPM के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने पूछा कि क्या पुलिस ने वास्तविक श्रद्धालुओं को सुरक्षा दी है.

उन्होंने पूछा,'क्या सरकार वास्तविक भक्तों को मंदिर में ले गई है? क्या मंदिर में महिलाओं का प्रवेश कमांडो ऑपरेशन है? क्या यह उच्चतम न्यायालय का आदेश है?'

चेन्निथला ने कहा, 'सरकार ने भगवान अयप्पा के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सबरीमाला में कार्यकर्ताओं को लाने के लिए समर्थन प्रदान किया है.'

इससे पहले दिन में राज्य के देवासम मंत्री के. सुरेंद्रन ने स्वीकार किया कि पहाड़ी की चोटी पर चढ़ी एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता थी और सबरीमाला का पवित्र स्थान उनकी ताकत का प्रदर्शन करने का स्थान नहीं है.

चेन्निथला ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी-आरएसएस इस मामले को लेकर सांप्रदायिक जुनून को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं.

एलडीएफ सरकार पर हमला करते हुए बीजेपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लई ने कहा कि राज्य के अधिकारी सबरीमाला को एक 'संघर्ष का क्षेत्र' बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि भारी सुरक्षा के बीच पहाड़ी की चोटी पर चढ़ने वाली महिलाओं में से एक को पुलिस ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझे बिना अपनी सरकारी वर्दी और हेलमेट दिया.

सबरीमाला में घंटों तक चले नाटकीय घटनाक्रम और तनाव के बीच दो महिलाएं शुक्रवार को पहाड़ी की चोटी पर पहुंची, लेकिन भगवान अयप्पा के श्रद्धालुओं के व्यापक प्रदर्शन के चलते उन्हें मंदिर के गर्भगृह में पहुंचने से पहले ही लौटना पड़ गया.

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