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An-32 एयरक्राफ्ट के पार्ट्स सप्लाई डील में घूस पर जवाब दे मोदी सरकार: कांग्रेस

रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एएन-32 से जुड़े सौदे में 17.5 करोड़ रुपये की कथित रिश्चवतखोरी की जांच में भारतीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया है

FP Staff Updated On: Jun 01, 2018 09:32 AM IST

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An-32 एयरक्राफ्ट के पार्ट्स सप्लाई डील में घूस पर जवाब दे मोदी सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. राहुल गांधी ने मोदी से मांग की है कि वे IAF के An-32 एयरक्राफ्ट के सौदों को लेकर डिफेंस मिनिस्ट्री के खिलाफ कार्रवाई करे. इस एयरक्राफ्ट की डील 17.5 करोड़ रुपए की है. कांग्रेस ने ट्वीट करके यह भी कहा कि मोदी सरकार सत्ता में आते ही भ्रष्टाचार करने लगी.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि इस पर सरकार उच्चतम स्तर से जवाब दे. यूक्रेन के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर रिश्वतखोरी के मामले की जांच में मदद मांगी है. उन्होंने कहा, ‘इस पत्र में कहा गया है कि भारत के रक्षा मंत्रालय और यूक्रेन की कंपनी ‘स्पेट्स टेक्नो एक्सपोर्ट’ के बीच 26 नवंबर, 2014 को एक डील की गई है. इस डील में यूक्रेन की कंपनी को भारतीय वायुसेना के विमान एएन-32 के लिए पार्ट्स की आपूर्ति थी. पत्र में कहा गया है कि इस सौदे में भ्रष्टाचार हुआ है. 17.5 करोड़ रुपये की घूस की बात सामने आई है.

तिवारी ने सवाल किया कि मोदी सरकार यह जवाब दे कि क्या यूक्रेन की ओर से ऐसा कोई पत्र लिखा गया? क्या यह बात सही है कि अनुबंध की शर्तें पूरी नहीं होने के बावजूद उस कंपनी के साथ समझौता किया गया और इसकी एवज में 17.5 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई? यूक्रेन की ओर से भेजे गए खत पर क्या कार्रवाई की गई? पत्र को संज्ञान में लेने के बाद क्या इस मामले में कोई जांच शुरू हुई है? उन्होंने आगे पूछा कि न खाता हूं और न खाने दूंगा की बात करने वाली सरकार ने इस मामले को सार्वजनिक क्यों नहीं किया? कांग्रेस नेता कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस डील पर उठ रहे सवालों का जवाव देगी.

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को इस पर बोलना चाहिए क्योंकि यह उनके मंत्रालय से जुड़ा मामला है. गौरतलब है कि एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एएन-32 से जुड़े सौदे में 17.5 करोड़ रुपये की कथित रिश्चवतखोरी की जांच में भारतीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया है.

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