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गीतांजलि के पूर्व एमडी ने कहा- 'आदतन झूठे' हैं चोकसी, 4 साल पहले ही उन्हें पकड़ लेना चाहिए था

श्रीवास्तव का दावा है कि उन्होंने कंपनी में होने वाली गड़बड़ियों के बारे में बताया था लेकिन तब एजेंसियां हरकत में नहीं आईं

Sulekha Nair | FIRSTPOST.COM Updated On: Feb 19, 2018 06:29 PM IST

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गीतांजलि के पूर्व एमडी ने कहा- 'आदतन झूठे' हैं चोकसी, 4 साल पहले ही उन्हें पकड़ लेना चाहिए था

पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले का खुलासा होने के बाद अब कहानी में एक नया मोड़ आ गया है. चार साल तक गीतांजलि जेम्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और दो साल तक वाइस प्रेसिडेंट रहे संतोष श्रीवास्तव का दावा है कि वह इस मामले में व्हिसलब्लोअर की भूमिका में हैं. गीताजंलि जेम्स में 6 साल तक काम करने के बाद श्रीवास्तव ने इस्तीफा देने का फैसला किया था. श्रीवास्तव का कहना है कि अपने बॉस और कंपनी के फाउंडर मेहुल चोकसी के काम करने के गलत तरीकों के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. वह खातों में गड़बड़ी, इनवेंटरी में कम माल दिखाने जैसे काम करते थे.

श्रीवास्तव ने करीब एक दशक तक टाटा ग्रुप के साथ काम किया था. उसके बाद उन्होंने एक छोटे ग्रुप में रिटेल पर फोकस करने के इरादे से टाटा ग्रुप छोड़ दिया.

उन्होंने फ़र्स्टपोस्ट को बताया, ‘मैं एक आईआईटीयन हूं और आंत्रप्रेन्योरशिप करना चाहता था, जो मैं अभी तक नहीं कर पाया हूं. ’ उन्होंने गुस्से में साफ कहा कि देश को 11,400 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है, जो कम हो सकता है अगर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट, इकनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओड्ब्ल्यू) और दूसरी एजेंसियों ने तब एक्शन लिया होता जब वो संपर्क में थे. श्रीवास्तव का दावा है कि उन्होंने कंपनी में होने वाली गड़बड़ियों के बारे में बताया था लेकिन तब एजेंसियां हरकत में नहीं आईं.

कैसे मेहुल चोकसी से मिले श्रीवास्तव?

एक समारोह के दौरान श्रीवास्तव को मेहुल चोकसी से उनके एक कॉमन फ्रेंड ने मिलवाया था. इसी समारोह में चोकसी ने श्रीवास्तव को अपने ऑफिस में आकर मिलने के लिए कहा. उन्होंने श्रीवास्तव को वाइस प्रेसिडेंट बनने का ऑफर दिया था. चोकसी ने कहा था कि वह चाहते हैं कि गीतांजलि को कोई प्रोफेशनल मैनेजमेंट के साथ प्रोफेशनल फर्म मैनेज करे.

श्रीवास्तव ने इस शर्त पर यह नौकरी ले ली कि उन्हें गीताजंलि जेम्स के रिटेल डिविजन चलाने की पूरी आजादी दी जाएगी. चोकसी लीगल, फाइनेंशियल और एकाउंटिंग का काम देख रहे थे. श्रीवास्तव शुरू में वीपी की हैसियत से काम कर रहे थे. बाद में वह एमडी बन गए. चोकसी रिटेल के कामकाज में कोई दखल नहीं देते थे लिहाजा काम आराम से चल रहा था. श्रीवास्तव ने कहा, गीतांजली ज्वैलरी सेक्टर में तनिष्क के बाद दूसरे नंबर पर थी. लेकिन लालच ने चोकसी को गलत करने पर मजबूर कर दिया.

जब श्रीवास्तव को इनवेंटरी में गड़बड़ी का पता चला तो उन्होंने यह बात चोकसी को बताई तो उन्हें कहा गया कि अपने काम से काम रखो. चोकसी ने उनसे कहा, ‘तुमको पगार मिल रही है न, अपना काम करो.’

श्रीवास्तव ने पूर्व बॉस चोकसी को ‘आदतन झूठा’ और ‘धोखेबाज’ कहते हुए यह बताया कि उनके पुराने बॉस को न सिर्फ लोगों को धोखा देने में ‘मजा’ आता था बल्कि वो अपने कर्मचारियों को भी धोखा देते थे. जब मामला और बिगड़ गया तो चोकसी ने श्रीवास्तव के वेतन में कटौती कर दी, जिससे श्रीवास्तव भी सहमत हुए.

श्रीवास्तव ने यह बताया कि ‘मेरे वेतन में 50 फीसदी की कटौती कर दी गई.’ जब 2013 में श्रीवास्तव ने इस्तीफा दिया तो चोकसी को उन्हें 3.19 करोड़ देने थे. श्रीवास्तव ने अपने कंधे उचकाते हुए यह कहा, ‘सूद समेत अब यह रकम और अधिक हो गई है. लेकिन यह राशि देश को हुए नुकसान के मुकाबले कुछ भी नहीं है.’

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