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प्रतिस्पर्धा आयोग की रडार में विमानन कंपनियां, किराया तय करने के गणित की हो रही पड़ताल

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग विमानन कंपनियों के जरिए यात्रा किराया तय करने के की जांच-परख कर रहा है.

Updated On: Nov 01, 2018 09:04 PM IST

FP Staff

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प्रतिस्पर्धा आयोग की रडार में विमानन कंपनियां, किराया तय करने के गणित की हो रही पड़ताल

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) विमानन कंपनियों के जरिए यात्रा किराया तय करने के ‘गणित’ (एल्गोरिदम) की जांच-परख कर रहा है. प्रतिस्पर्धा आयोग एयरलाइन कंपनियों के जरिए विमान किराया तय करने में कथित साठगांठ की पड़ताल कर रहा है. सीसीआई के प्रमुख सुधीर मित्तल ने कहा कि इसी जांच के सिलसिले में किराया तय करने के गणित पर गौर कर रहे हैं.

फिलहाल नियामक एक समान टिकट दर और एयरलाइंस के जरिए साथ-साथ किरायों में बढ़ोतरी की जांच कर रहा है. इनमें पिछले कुछ साल के मसलन हरियाणा में जाट आंदोलन और चेन्नई में बाढ़ के समय किरायों में बढ़ोतरी के मामले शामिल हैं. मित्तल के मुताबिक सीसीआई के जरिए फिलहाल एयरलाइंस के जरिए कथित रूप से साठगांठ में किराया तय करने के कुछ मामलों की जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा कि हम एयरलाइंस के जरिए कीमत तय करने के तरीके को समझने का प्रयास कर रहे हैं. विमानन कंपनियां कहती रही हैं कि किरायों में समानता और किरायों में बढ़ोतरी उनके जरिए इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर की वजह से है. साफ्टवेयर मांग आधारित कीमत निकालता है.

मित्तल ने कहा कि जब तक हम इस मुद्दे की समीक्षा नहीं कर लेते हैं और इसका ब्योरा नहीं देख लेते हैं, हम इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह पाएंगे. हाल के समय में त्योहारों और प्राकृतिक आपदा के दौरान किरायों में बढ़ोतरी के मामले सामने आए हैं. इस साल कुछ राज्यसभा सदस्यों ने एयरलाइंस में किराए की सीमा तय करने की वकालत की थी. वहीं सरकार कहती रही है कि विमान यात्रा किराया नियंत्रण मुक्त है.

सीसीआई प्रमुख ने कहा कि जाट आंदोलन और चेन्नई में बाढ़ के दौरान विमानन कंपनियों के एक समान ऊंचे किरायों की जांच की जा रही है. जाट आंदोलन 2016 के शुरू में हुआ था जबकि चेन्नई में 2015 में बाढ़ आई थी.

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