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फुल ऑन निक्की: किशोरावस्था की मुश्किलों को दूर करने की एक दिलचस्प कोशिश

किशोरावस्था की मुश्किलों को दूर करने के लिए यूनिसेफ के साथ मिलकर बीबीसी मीडिया की पहल

FP Staff Updated On: Oct 11, 2017 10:36 PM IST

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फुल ऑन निक्की: किशोरावस्था की मुश्किलों को दूर करने की एक दिलचस्प कोशिश

ब्लू व्हेल का गेम हो या परीक्षा में खराब नंबर...बड़ों के लिए भले ही ये बातें बच्चों की नादानी या नासमझी हो सकती है लेकिन बच्चों के लिए इनसे पार पाना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे कई बच्चे हैं जो अपने मन की बात किसी से शेयर नहीं कर पाते. इसका नतीजा उनके जीवन के कई हिस्सों पर पड़ता है.

बच्चों की इसी तरह की समस्याओं को दूर करने के लिए बीबीसी मीडिया ने यूनिसेफ के साथ मिलकर 'फुल ऑन निक्की' नाम से रेडियो सीरीज शुरू की है. कम्युनिटी रेडियो एसोसिएशन (सीआरए) के सपोर्ट से देश भर में 25 कम्युनिटी रेडियो स्टेशन शुरू किए गए हैं.

78 एपीसोड तक चलेगा रेडियो शो

'फुल ऑन निक्की' एक 78 एपीसोड वाला रेडियो शो है. इस कार्यक्रम का मकसद 10 से 19 साल के किशोर लड़के-लड़कियों और उनके अभिभावकों की मदद करना है.

रेडियो शो का फोकस मुख्य रूप से बच्चों की सेहत, बाल विवाह, शिक्षा, पोषण और लड़के-लड़की में फर्क के कारण होने वाली हिंसा सहित ऐसे कई मुद्दों पर है, जिनसे किशोर बच्चों और उनके अभिभावकों की मदद हो सकती है.

कम्युनिटी रेडियो एसोसिएशन की ट्रेजर पूजा ओ मुरादा के मुताबिक, 'फुल ऑन निक्की' को कम्युनिटी रेडियो स्टेशन से जोड़ा गया ताकि किशोरावस्था की चुनौतियों से निपटा जा सके.

उन्होंने कहा, 'यह बहुत दिलचस्प है. इसमें एक किरदार है आरजे निक्की. इस शो का आइडिया सबसे अलग है. हंसी मजाक और ठहाकों के बीच इसमें असली लोगों की असली कहानियां भी सुनाई जाएंगी. इस शो में गाने भी होंगे और करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा, नवाजुद्दीन सिद्दिकी और कमला भसीन, लेनिन रघुवंशी जैसे एक्सपर्टस से बातचीत भी होगी. इस शो का मकसद किशोरावस्था की मुश्किलों को दूर करना है.'

बीबीसी मीडिया एक्शन की ग्लोबल क्रियेटिव एडवाइजर राधारानी मित्रा ने कहा, 'यह 78 एपिसोड का एक रेडियो शो है, जो अलग-अलग कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों पर चलाया गया है. इस शो का फोकस किशोर वर्ग और उनकी समस्याएं हैं.' मित्रा ने कहा, 'इस शो में एक काल्पनिक आरजे निक्की है, जो इस शो को होस्ट करती है. वह किशोरों की एक दोस्त, फिलॉस्फर और गाइड है.'

कई बार हिचक या अकेलेपन की वजह से बच्चे अपने मन की बातें शेयर नहीं कर पाते हैं. उस वक्त उन्हें एक दोस्त, गाइड, थेरेपिस्ट की जरूरत होती है और यह रेडियो शो उन सभी जरूरतों को पूरा करता है. बस जरूरत है इसे ट्यून करने की.

 

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