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संविधान दिवसः CJI रंजन गोगोई और केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बताई अहम बातें, कहा- हमेशा से रहा मार्गदर्शक

देश में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है, इस दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है

Updated On: Nov 26, 2018 12:08 PM IST

FP Staff

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संविधान दिवसः CJI रंजन गोगोई और केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बताई अहम बातें, कहा- हमेशा से रहा मार्गदर्शक

सोमवार यानी आज संविधान दिवस के मौके पर भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI रंजन गोगोई और केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद दिल्ली के विज्ञान भवन पहुंचे थे. दोनों ने यहां लोगों को संविधान और उससे जुड़ी कई अहम बातें बताईं. बता दें कि देश में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है. इस दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है. उन्होंने भारतीय संविधान के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार किया है.

भारत के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने संविधान दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में भाषण देते हुए कहा कि जब इसे लागू किया गया, तो हमारे संविधान की आलोचना की गई. सर इवर जेनिंग्स ने इसे बहुत बड़ा और कठोर कहा. समय ने इस आलोचना को कमजोर कर दिया और यह गर्व की बात है कि पिछले 7 दशकों में हमारा संविधान महान शक्ति के साथ खड़ा है.

उन्होंने आगे कहा- संविधान मार्जिनालाइज्ड और समझदारी की आवाज है. इसकी समझ ने संकट के क्षण में हमारा मार्गदर्शन किया है. यह संविधान के तहत सावधानीपूर्वक सलाह देने के लिए हमारी सबसे अच्छी रुचि है. यदि हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हमारे घमंड का परिणाम अराजकता होगा.

वहीं इस मौके पर मौजूद केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा- भारतीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपने निहित विश्वास की तुलना में उनके धर्म, जाति, समुदाय, आर्थिक स्थिति या साक्षरता, भारत के संवैधानिक शासन की सबसे सटीक परिभाषा है.

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा- हमें भारत के लोकतंत्र पर भरोसा करने की जरूरत है क्योंकि उनके पास यह विश्वास है कि हम किसी भी राजनीतिक नेता या राजनीतिक दल को बेदखल कर सकते हैं चाहे वह कितना भी लोकप्रिय हो. चाहे उसके पास कितनी भी शक्ति हो, दिल्ली में या दूसरे राज्यों में.

कहते हैं कि संविधान दुनिया के सभी संविधानों को बारीकी से परखने के बाद बनाया गया. इसे विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं. यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं. इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का समय लग गया था.

इससे पहले संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिनर पर आमंत्रित किया. बिमस्टेक (बे ऑफ बंगाल इनेशिएटिव फार मल्टी सेक्टोरल टेक्नीकल एंड इक्नॉमिक) में शामिल होने आए बांग्लादेश, म्यांमार, थाइलैंड, नेपाल और भूटान के मुख्य न्यायाधीश और जज भी इस डिनर प्रोग्राम में शामिल हुए थे. वेंकैया नायडू ने इस कार्यक्रम की फोटो ट्विटर पर शेयर की थी. इन तस्वीरों में वेंकैया नायडू को पीएम मोदी और सीजेआई रंजन गोगोई के साथ देखा जा सकता है.

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