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CJI गोगोई ने दिए बदलाव के संकेत, कहा- 'मुमकिन होता, तो सारे केस आज ही सुन लेते'

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने प्रतिबद्धता जताई है कि वो न्यायिक प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं

Updated On: Oct 10, 2018 03:48 PM IST

FP Staff

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CJI गोगोई ने दिए बदलाव के संकेत, कहा- 'मुमकिन होता, तो सारे केस आज ही सुन लेते'

सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस बने रंजन गोगोई ने जब अपना पद संभाला था, तो एक सवाल हवा में तैर रहा था कि क्या वो भारत की न्यायिक प्रक्रिया में कोई बदलाव लाएंगे? अब उन्होंने बदलावों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है.

मंगलवार को सीजेआई गोगोई ने कहा कि 'अगर ये मुमकिन होता तो, हम आज ही सभी केस की सुनवाई कर सकते हैं.' सीजेआई गोगोई वकीलों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने प्रशासन में कुछ विशेष सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा जाहिर की.

उन्होंने कहा, 'मैं आपको भरोसा दिलाता हूं. हम चीजें बदल रहे हैं और कोई भी बदलाव आने में वक्त लगता है. थोड़ा धैर्य रखिए और हमारे रजिस्ट्रार्स को थोड़ा वक्त दीजिए. सबको मौका दीजिए.'

गोगोई ने आगे जोड़ा, 'हम मुकदमा दायर करने वालों और वकीलों की बेचैनी को समझते हैं. हम सबकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.'

न्यूज18 की खबर के मुताबिक, यहां वकीलों ने सीजेआई के सामने ऐसे केसों को मेंशन किया, जिनकी जल्दी सुनवाई होनी है. इसपर ही गोगोई ने ये प्रतिक्रिया दी.

जस्टिस गोगोई ने ये भी साफ किया कि कोई भी केस लिस्ट से ऑटोमेटिकली नहीं हटाया जाएगा और कोई भी केस हटाने से पहले उसके वकील को पहले से जानकारी दी जाएगी.

गोगोई ने यहां कुछ कदम उठाने के संकेत भी दिए. उन्होंने कहा कि केसों की फाइलिंग और लिस्टिंग में लगने वाले वक्त को कम किया जाएगा. ताकि रेगुलर केस में वकीलों के पास जल्द सुनवाई का मेंशन करने की वजह नहीं होगी. गोगोई ने पद संभालने के बाद अपने पहले दिन ही यूं ही किसी भी केस को जल्दी सुनवाई के लिए लिस्ट न करने को कहा था.

उन्होंने कहा था, 'मेंशन तभी करिए, जब किसी को फांसी पर चढ़ाया जाना हो, या किसी का घर तोड़ा जा रहा या किसी को निकाला जा रहा हो. हमारे सामने ये केस तभी लाइए, जब ये अति आवश्यक हो. वर्ना बाकी मामले हमारे रजिस्ट्रार देख लेंगे.'

रिपोर्ट के मुताबिक, आपराधिक याचिकाओं की लिस्टिंग में इस हफ्ते बदलाव देखा गया है. ऐसे आपराधिक केस, जिनमें सैकड़ों आरोपी सालों से फैसले के लिए जेल में इंतजार कर रहे हैं, बुधवार की रेगुलर सुनवाई में ऐसे 10 केस सुनवाई के लिए रखे गए. रोस्टर के मुताबिक, जजों की पीठों को ऐसी पहली 10 क्रिमिनल अपील दी गई हैं.

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